Last Updated:May 08, 2025, 06:35 ISTKasuri Methi Farming Tips: छत्तीसगढ़ के किसान कसूरी मेथी की उन्नत किस्म कसूरी मेथी-1 की खेती कर अच्छी आमदनी कमा सकते हैं. एक हेक्टेयर क्षेत्र से 4-5 क्विंटल बीज उत्पादन के साथ-साथ 90-100 क्विंटल हरी पत्तियों की …और पढ़ेंX
कसूरी मेथीहाइलाइट्सकसूरी मेथी-1 की खेती से 100 क्विंटल पत्तियों की उपज संभव.छत्तीसगढ़ की जलवायु कसूरी मेथी-1 के लिए उपयुक्त.कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाली फसल.रायपुर. धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए एक खुशखबरी है. अब छत्तीसगढ़ की जलवायु में सिर्फ धान, गेहूं या अन्य सब्जियों की ही नहीं बल्कि कसूरी मेथी की उन्नत किस्म कसूरी मेथी -1 की खेती करके किसान अच्छी आमदनी कमा सकते हैं. यह वैरायटी इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर द्वारा विकसित की गई है, जो न केवल अधिक उपज देती है, बल्कि अपनी खास खुशबू के कारण बाजार में ज्यादा मांग वाली फसल भी है.
कम लागत में ज्यादा मुनाफा
इस किस्म की खेती के लिए प्रति हेक्टेयर 10-12 किलोग्राम बीज की आवश्यकता होती है. बीजोपचार के लिए 2.5 ग्राम/किलोग्राम बीज कार्बेन्डाजिम का प्रयोग करना चाहिए. पंक्ति विन्यास 30X10 सेमी के त्रिभुजाकार विधि से करने पर पौधे बेहतर विकसित होते हैं.
ऐसे करें सिंचाई और उर्वरक का प्रबंधन
भूमि की तैयारी के समय 10-12 टन गोबर खाद के साथ नत्रजन-150, फास्फोरस-80 और पोटाश-60 किलोग्राम/हेक्टेयर देना चाहिए. सिंचाई ड्रिप विधि से प्रत्येक दो दिन के अंतराल पर 30 मिनट तक करें, जिससे एनपीके जैसे घुलनशील उर्वरकों को 19:19:19 या 12:61:0, 13:0:45 के अनुपात में आसानी से फर्टिगेशन द्वारा देना चाहिए है.
खरपतवार प्रबंधन भी है सरल
खरपतवार नियंत्रण के लिए ऑक्सीडायजिल 75 ग्राम/हेक्टेयर की बुवाई के 3 दिन के भीतर छिड़काव करना फायदेमंद होता है. इसके अलावा, लीफ माइनर जैसे कीटों के नियंत्रण के लिए इमामेक्टिन 0.5 ग्राम या इमिडाक्लोप्रिड 17.8 एसएल का 1 मिली/लीटर पानी में छिड़काव करना चाहिए. रोगों से बचाव के लिए कार्बेन्डाजिम + मैनकोजेब या माइकोबुटानिल का छिड़काव किया जा सकता है.
100 क्विंटल तक पत्तियों की मिलेगी उपज
कसूरी मेथी- 1 की खेती में एक हेक्टेयर क्षेत्र से 4-5 क्विंटल बीज उत्पादन के साथ-साथ 90-100 क्विंटल हरी पत्तियों की प्राप्ति हो सकती है. बाजार में कसूरी मेथी की अधिक मांग और अच्छी कीमत के चलते यह वैरायटी किसानों के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद सिद्ध हो रही है. छत्तीसगढ़ की जलवायु इस किस्म के लिए उपयुक्त मानी गई है.-इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर द्वारा विकसित यह किस्म किसानों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरी है. कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि उचित तकनीकों को अपनाकर किसान इस फसल से बेहतर लाभ प्राप्त कर सकते हैं.
Location :Raipur,Chhattisgarhhomeagricultureकिसानों के लिए बेस्ट है कसूरी मेथी की ये वैरायटी, कम लागत में होगी तगड़ी कमाई
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