Last Updated:May 03, 2025, 13:06 ISTAstro Tips: आजकल युवा शौक में कन छिदवा लेते हैं. लेकिन, ये फैशन नहीं है. कर्ण छेदन अत्यंत पुरानी प्रक्रिया है. इससे ग्रह भी नियंत्रित होते हैं. देवघर के आचार्य से जानिए इस प्रक्रिया से किसको मिलता है लाभ… X
16 संस्कार में से एक है कर्ण छेदन संस्कार.हाइलाइट्सकर्ण छेदन से राहु-केतु का नकारात्मक प्रभाव समाप्त होता हैकर्ण छेदन से चंद्रमा, राहु और केतु मजबूत होते हैंसोना या चांदी के कुंडल पहनना चाहिएAstro Tips: आजकल कुछ युवा स्टाइल और फैशन के लिए कान छिदवा लेते हैं. जबकि, कान छेदने की परंपरा प्राचीन काल की है और ज्योतिष शास्त्र में इसका विशेष महत्व बताया गया है. हिंदू धर्म में 16 संस्कार बताए गए हैं. इसमें जन्म से मृत्यु तक कई संस्कार शामिल हैं. मान्यता है कि 16 संस्कार में से एक कर्ण संस्कार भी है, जिसका संबंध ज्योतिष शास्त्र से है. कहा जाता है कि जो युवा कर्ण छेदन करते हैं, उन्हें कई तरह की समस्याओं से छुटकारा भी मिल जाता है.
कान छिदवाने की ऐसी मान्यता देवघर के पागल बाबा आश्रम स्थित मुद्गल ज्योतिष केंद्र के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर मुद्गल ने लोकल 18 को बताया कि कर्ण छेदन की परंपरा प्राचीन काल से ही चली आ रही है. यह आजकल के फैशन के दौर की उत्पत्ति नहीं है. भारतीय संस्कृति में कान छेदना केवल सौंदर्य परंपरा में शामिल नहीं है, बल्कि इसके पीछे वैज्ञानिक, आध्यात्मिक और ज्योतिषीय कारण भी है. कान छिदवाने से शरीर में ऊर्जा का प्रवाह अच्छे से होता है और बौद्धिक विकास में वृद्धि होती है. साथ ही मानसिक शांति भी मिलती है.
इनको जरूर कराना चाहिए कर्ण छेदनज्योतिषाचार्य बताते हैं कि जिसकी कुंडली में राहु कमजोर स्थिति में हो, जिससे आपको कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हो या फिर कुंडली में चंद्रमा नीच अवस्था में हो. ऐसे जातक को कर्ण छेदन अवश्य कराना चाहिए. विशेष कर जो बच्चे ज्यादा शरारती हों या फिर बार-बार बीमार पड़ रहा हों. ऐसे बच्चों को भी कर्ण छेदन कराना चाहिए. कर्ण छेदन करने से चंद्रमा, राहु और केतु मजबूत होती हैं. साथ ही राहु-केतु का नकारात्मक प्रभाव समाप्त हो जाता है.
इस धातु के पहने कुंडलज्योतिषाचार्य बताते हैं कि कर्णछेदन करने के बाद जातक कई धातु के कुंडल पहनते हैं. लेकिन, सोना या चांदी के धातु से बने कुंडल ही कर्ण छेदन के बाद पहनें. सामान्यतः दोनों कानों को छिदवाना नियम है लेकिन, अगर आप लड़के हैं तो एक कान यानी सिर्फ दाएं कान भी छिदवा सकते हैं और अगर आप लड़की हैं तो बाएं कान को पहले छिदवाएं और दाहिने काम को बाद में.
Location :Deoghar,Jharkhandhomeastroकान छिदवाने पर राहु-केतु, चंद्रमा बरसाने लगते हैं कृपा! सिर्फ इनको होगा फायदाDisclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.
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