कुछ भी भूल जाएं, ये व्रत न भूलें…विद्या, धन और ज्ञान तीनों गिरेंगे छप्पर फाड़



Last Updated:May 08, 2025, 17:05 ISTApara ekadashi significance : ज्येष्ठ महीने की पहली एकादशी कृष्ण पक्ष में पड़ती है, जिसे अपरा एकादशी कहा जाता है. अपरा एकादशी अनंत फल देने वाली है. भगवान विष्णु की असीम कृपा मिलती है.X

विद्या प्राप्ति के लिए खास दिनहाइलाइट्सअपरा एकादशी व्रत से अनंत फल की प्राप्ति होती है.23 मई को अपरा एकादशी व्रत किया जाएगा.इस व्रत से विद्या, धन, ज्ञान और मोक्ष मिलता है.Apara ekadashi 2025/हरिद्वार. हिंदू धर्म में सालभर तीज-त्योहारों और व्रत आदि का आगमन होता रहता है. इन तीज त्योहारों को विधि विधान से मनाने और शास्त्रों की विधि के अनुसार व्रत का पालन करने पर चमत्कारी लाभ मिलते हैं. हिंदू कैलेंडर का तीसरा महीना ज्येष्ठ मास होता है. ये मास भी व्रत, पूजा, पाठ और धार्मिक कार्यों के लिए खास माना जाता है. सालभर में 24 एकादशी मनाई जाती है. सभी एकादशी का अपना-अपना महत्त्व है. ज्येष्ठ मास की पहली एकादशी कृष्ण पक्ष में आती है, जिसे अपरा एकादशी कहा जाता है. अपरा एकादशी असीम और अनंत फल प्रदान करने वाली होती है.

पापों से मुक्ति

ज्योतिषी पंडित श्रीधर शास्त्री बताते हैं कि सभी एकादशी में अपरा एकादशी का अपना महत्त्व है. अपरा एकादशी हिंदू कैलेंडर के तीसरे मास ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है. इस एकादशी का व्रत विधि विधान से करने पर साधकों को अनंत फल की प्राप्ति होने के साथ विष्णु भगवान की असीम कृपा मिलती है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अपरा एकादशी का व्रत विधि अनुसार करने पर विद्या प्राप्ति, धन प्राप्ति, ज्ञान प्राप्ति और मोक्ष आदि की प्राप्ति होती है. अपरा एकादशी का व्रत विधि विधान से करने पर विष्णु भगवान और गुरु बृहस्पति की कृपा से साधक का आध्यात्मिक और भौतिक विकास होता है. पापों से मुक्ति, मानसिक शांति, मोक्ष प्राप्ति, धन प्राप्ति, सुख समृद्धि, यश और सम्मान आदि सभी का लाभ प्राप्त होता है.

मोक्ष प्राप्ति का द्वार

अपरा एकादशी का व्रत 23 मई को किया जाएगा. इस दिन विष्णु भगवान के मंत्र, स्तोत्र, गुरु बृहस्पति के बीज मंत्र और संबंधित वस्तुएं दान आदि करने से मोक्ष प्राप्ति के द्वार खुल जाते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, अपरा एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर सभी कार्यों से निवृत होकर व्रत का संकल्प करें. विष्णु सहस्त्रनाम, विष्णु भगवान के मंत्र आदि का जाप करें. अपरा एकादशी के दिन ये व्रत करने से धन चाहने वाले को धन की प्राप्ति, विद्या चाहने वाले को विद्या की प्राप्ति, मोक्ष चाहने वाले को मोक्ष की प्राप्ति, ज्ञान चाहने वाले को ज्ञान की प्राप्ति होती है.
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