खुमरी पहन संस्कृति बचाने निकले धन सिंह यादव, बोले- मेरे जीते जी नहीं मिटेगी परंपरा, देखें तस्वीरें



Last Updated:May 23, 2025, 16:10 ISTKhumri Photos: छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और परंपराएं उसकी असली पहचान हैं लेकिन समय के साथ कई पारंपरिक वस्त्र और जीवनशैली विलुप्ति की कगार पर हैं. ऐसे में बिलासपुर जिले के बकरकुदा गांव के एक बुजुर्ग धन सिं…और पढ़ें धन सिंह यादव आज भी अपने पूर्वजों द्वारा पहनी जाने वाली पारंपरिक बांस की टोपी खुमरी, चांदी का ताबीज और चूड़ा पहनते हैं और युवाओं के लिए एक प्रेरणा बनकर उभरे हैं. धन सिंह यादव ने लोकल 18 से कहा कि खुमरी उनके दादा और पिता की भी पहचान रही है. वह कहते हैं, ‘मैंने बचपन से देखा कि हमारे बड़े बुजुर्ग खुमरी पहनकर धूप में काम करते थे. ये केवल एक टोपी नहीं बल्कि हमारी पहचान है.’ खुमरी एक विशेष प्रकार की टोपी है, जिसे बांस से तैयार किया जाता है. इसका निर्माण उसी तकनीक से किया जाता है, जिससे टोकरियां या अन्य बांस की चीजें बनाई जाती हैं. यह टोपी खासतौर पर धूप और बरसात से बचाव के लिए पहनी जाती है. धन सिंह यादव को चिंता है कि आज की पीढ़ी पारंपरिक वेशभूषा से दूर हो रही है. उन्होंने कहा, ‘आजकल के युवा खुमरी पहनना पसंद नहीं करते, इसलिए मैं इसे रोज पहनता हूं ताकि यह परंपरा जिंदा रहे. मेरे लिए यह केवल पहनावा नहीं बल्कि संस्कृति की जिम्मेदारी है.’ धन सिंह यादव का कहना है, ‘मेरे जीते जी यादव समाज की पारंपरिक वेशभूषा विलुप्त नहीं होगी. मैं इसे पहनकर लोगों को प्रेरित करता हूं.’ उनका यह जज्बा साबित करता है कि यदि एक व्यक्ति भी ठान ले, तो सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखा जा सकता है.homechhattisgarhखुमरी पहन संस्कृति बचाने निकले बुजुर्ग धन सिंह यादव, देखें ये खास तस्वीरें



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