Last Updated:May 09, 2025, 18:39 ISTकिसान अगर फसल अवशेष को जलाने की बजाय खेत में मिला दें तो मिट्टी की उर्वरता बढ़ाई जा सकती है. पराली जलाना पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, जबकि वैज्ञानिक तरीकों से इसका उपयोग लाभकारी साबित होता है.X
खेत में परालीहाइलाइट्सकिसान पराली जलाने से बचें, मिट्टी की उर्वरता बढ़ाएं.पराली जलाने से प्रदूषण और स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ती हैं.वैज्ञानिक तरीकों से फसल अपशिष्ट का सही उपयोग करें.राजनांदगांव- गेहूं और धान की कटाई के बाद किसानों द्वारा खेत में बची पराली या फसल अपशिष्ट को जलाना आम बात है. हालांकि यह तरीका न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि खेत की मिट्टी की उर्वरता को भी कमजोर करता है. कृषि विभाग के सहायक संचालक डॉ. बीरेंद्र अनंत के अनुसार, यदि किसान इन अपशिष्टों का सही उपयोग खेत में ही करें, तो वे अपनी भूमि की उपजाऊ शक्ति को बढ़ा सकते हैं.
पराली जलाने से बढ़ता है प्रदूषणफसल अपशिष्ट जलाने से भारी मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन और अन्य ग्रीनहाउस गैसें वातावरण में फैलती हैं. इससे वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ता है, जो न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक है बल्कि मानव स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव डालता है. पराली जलाने से निकला धुआं बारिश के साथ मिलकर जल स्रोतों को भी प्रदूषित कर सकता है.
मिट्टी की सेहत को पहुंचता है नुकसानजब किसान फसल अवशेष जलाते हैं, तो मिट्टी में मौजूद नाइट्रोजन और कार्बन की मात्रा कम हो जाती है. इससे मिट्टी की उर्वरक क्षमता घटती है और फसल की उत्पादकता प्रभावित होती है. इसके अलावा, मिट्टी में रहने वाले सूक्ष्म जीव और जैविक तत्व भी नष्ट हो जाते हैं, जो भूमि की उपजाऊ शक्ति को बनाए रखने में मदद करते हैं.
स्वास्थ्य पर गंभीर असरपराली जलने से उत्पन्न धुआं अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, त्वचा रोग और आंखों की जलन जैसी बीमारियों को जन्म देता है. विशेषकर बच्चों और बुज़ुर्गों के लिए यह अत्यंत हानिकारक है. यह धुआं खेत में मौजूद लाभकारी कीटों और जैव विविधता को भी समाप्त कर देता है.
वैज्ञानिक सलाह और तकनीकी उपाय अपनाएंकिसानों को चाहिए कि वे फसल अपशिष्टों को जलाने के बजाय वैज्ञानिक सलाह लेकर तकनीकी तरीकों का उपयोग करें. खेत में इन अपशिष्टों को जुताई कर देने से भूमि को प्राकृतिक खाद मिलती है और आने वाली फसल को आवश्यक पोषक तत्व प्राप्त होते हैं.
Location :Rajnandgaon,Chhattisgarhhomeagricultureखेती का छुपा खजाना! अपशिष्ट से बना सकते हैं सोना, लेकिन किसान कर रहे हैं…
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