Last Updated:May 19, 2025, 21:57 ISTखेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 में छत्तीसगढ़ ने 14 पदक जीते, जिसमें बिलासपुर की आलिया अख्तर और किरण साहू ने थांग-ता में कांस्य पदक जीते. दोनों का लक्ष्य ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करना है.X
खेलो इंडिया यूथ गेम्स में बिलासपुर की बेटियों का शानदार प्रदर्शन.हाइलाइट्सछत्तीसगढ़ ने खेलो इंडिया यूथ गेम्स में 14 पदक जीते.बिलासपुर की आलिया अख्तर और किरण साहू ने थांग-ता में कांस्य पदक जीते.दोनों का लक्ष्य ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करना है.बिहार के गया में आयोजित खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 में छत्तीसगढ़ की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 14 पदक जीते, इनमें तीन स्वर्ण, एक रजत और दस कांस्य पदक शामिल हैं. इस सफलता में बिलासपुर की दो बेटियों- आलिया अख्तर और किरण साहू का नाम प्रमुखता से शामिल है, जिन्होंने पारंपरिक मार्शल आर्ट थांग-ता में कांस्य पदक जीतकर राज्य और शहर का गौरव बढ़ाया है.
बिलासपुर की उभरती खिलाड़ी आलिया अख्तर ने बताया कि वह पिछले कई साल से थांग-ता खेल रही हैं और इससे पहले कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुकी हैं. यह पहला मौका था जब उन्होंने खेलो इंडिया में भाग लिया और कांस्य पदक हासिल किया. आलिया कहती हैं, “मैं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन करना चाहती हूं, और इसके लिए लगातार मेहनत कर रही हूं. मेरा सपना है कि मैं ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करूं. हमारे कोच श्याम कर हमें कड़ी ट्रेनिंग दे रहे हैं, जिससे हमारा आत्मविश्वास बढ़ा है और प्रदर्शन भी बेहतर हो रहा है.”
पहले ही प्रयास में सफलताकिरण साहू, जो इसी प्रतियोगिता में पहली बार हिस्सा ले रही थीं, ने भी थांग-ता में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया. उन्होंने कहा, “गया में आयोजित खेलो इंडिया में मैंने पहली बार भाग लिया और पहले ही प्रयास में पदक जीतना मेरे लिए गर्व की बात है. मेरा अगला लक्ष्य ओलंपिक में देश के लिए गोल्ड जीतना है। इसके लिए मैं जी-जान से मेहनत कर रही हूं.”
क्या बोले कोच श्याम सिंह?छत्तीसगढ़ थांग-ता एसोसिएशन के सचिव और कोच घनश्याम सिंह ने बताया कि बिलासपुर के रेलवे स्पोर्ट्स क्लब में कई वर्षों से बच्चों को थांग-ता का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. उन्होंने कहा, “इस बार पांच खिलाड़ियों को खेलो इंडिया के लिए गया ले जाया गया था, जिनमें से दो ने पदक जीतकर गौरव बढ़ाया. थांग-ता, जिसे ‘ह्युएन लैंग्लोन’ के नाम से भी जाना जाता है, मणिपुर की मेइती समुदाय की पारंपरिक युद्ध कला है. यह ‘थांग’ (तलवार) और ‘ता’ (भाला) की शैली है, जिसे अब सरकार ने खेल के रूप में मान्यता दी है. हमारा लक्ष्य है कि ज्यादा से ज्यादा बच्चों को इस खेल के प्रति जागरूक करें और उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाएं.”
स्थानीय खुशी और भविष्य की उम्मीदेंआलिया और किरण की इस सफलता ने बिलासपुर में उत्सव का माहौल बना दिया है. स्थानीय खेल प्रेमी, अधिकारी और आमजन सभी इन बेटियों की उपलब्धि पर गर्व कर रहे हैं. खेल मंत्री ने भी बधाई देते हुए कहा कि इन खिलाड़ियों की सफलता बाकी युवाओं को भी प्रेरित करेगी. आने वाले समय में छत्तीसगढ़ से और भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद जताई जा रही है.
Dallu SlathiaSeasoned journalist Dallu Slathia brings over 5 years of expertise in digital media, leading coverage across 4 states for Local18- MP, Jharkhand, Himachal Pradesh and Haryana. Her experience in digital journali…और पढ़ेंSeasoned journalist Dallu Slathia brings over 5 years of expertise in digital media, leading coverage across 4 states for Local18- MP, Jharkhand, Himachal Pradesh and Haryana. Her experience in digital journali… और पढ़ेंभारत पाकिस्तान की ताज़ा खबरें News18 India पर देखेंLocation :Bilaspur,Chhattisgarhhomechhattisgarhखेलो इंडिया यूथ गेम्स में छत्तीसगढ़ का परचम, बिलासपुर की बेटियों ने जीते पदक
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