छत्तीसगढ़ का हर दाना है सोने से भी कीमती, धान के कटोरे से करोड़ों का मुनाफा



Last Updated:May 09, 2025, 15:05 ISTछत्तीसगढ़ को ‘धान का कटोरा’ कहा जाता है क्योंकि यहां 23,000 से अधिक धान की किस्में उगाई जाती हैं. इसकी उपजाऊ मिट्टी और उपयुक्त जलवायु के कारण राज्य में धान की खेती प्रचुर मात्रा में होती है.X

धान का कटोराहाइलाइट्सछत्तीसगढ़ को ‘धान का कटोरा’ कहा जाता है.यहां 23,000 से अधिक धान की किस्में उगाई जाती हैं.धान छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान है.राजनांदगांव- भारत विविधताओं से भरा देश है, जहां हर राज्य अपनी संस्कृति, परंपरा और विशेषताओं के कारण जाना जाता है. कुछ राज्यों को उनकी विशिष्ट कृषि उपज के कारण विशेष उपनाम भी दिए गए हैं.इन्हीं में एक राज्य है छत्तीसगढ़, जिसे ‘धान का कटोरा’ कहा जाता है.

धान की अपार विविधताछत्तीसगढ़ को यह उपनाम इसलिए मिला क्योंकि यहां धान की खेती बहुत बड़े स्तर पर होती है. इस राज्य में 23000 से अधिक किस्मों के धान उगाए जाते हैं, जो देश के अन्य राज्यों की तुलना में कहीं अधिक है. यह विविधता छत्तीसगढ़ को धान उत्पादन में अग्रणी बनाती है.

खेती के लिए आदर्शछत्तीसगढ़ की जलवायु और मिट्टी धान की खेती के लिए बेहद उपयुक्त मानी जाती है. यहां की जलवायु नमी युक्त और भूमि उपजाऊ होने के कारण धान की अच्छी पैदावार होती है. यही कारण है कि यहां के किसान साल में दो बार धान की फसल ले पाते हैं, जिससे उनकी आमदनी में भी इजाफा होता है.

संस्कृति में रचा-बसा है चावलछत्तीसगढ़ की संस्कृति और खानपान में चावल की अहम भूमिका है. यहां के लोग चावल को दैनिक आहार में प्राथमिकता देते हैं और लगभग हर पर्व, उत्सव या सामाजिक आयोजन में चावल किसी न किसी रूप में शामिल रहता है. इससे यह स्पष्ट होता है कि चावल केवल फसल नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान भी है.

कृषि परंपराओं में समृद्धछत्तीसगढ़ की पहचान केवल धान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य अपनी समृद्ध कृषि परंपराओं और कृषकों की मेहनत के लिए भी जाना जाता है. यहां के किसान आधुनिक तकनीकों के साथ पारंपरिक तरीकों का संतुलन बनाकर कृषि करते हैं.
Location :Rajnandgaon,Chhattisgarhhomechhattisgarhछत्तीसगढ़ का हर दाना है सोने से भी कीमती, धान के कटोरे से करोड़ों का मुनाफा



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