छत्तीसगढ़: नया रजिस्ट्री कानून लागू, 10 सुधारों की जानकारी



जांजगीर चांपा: राज्य सरकार ने नया रजिस्ट्री कानून लागू किया है और इसके बारे में आम जनता को जानकारी देने के लिए कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है. जांजगीर चांपा जिला पंचायत कार्यालय के सभा कक्ष में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें कलेक्टर और राजस्व अधिकारी भी उपस्थित थे. कार्यशाला में जनप्रतिनिधियों ने जमीन रजिस्ट्री और नामांतरण के लिए राज्य सरकार द्वारा किए गए सुधारों को पहले सभी समस्याओं का समाधान करने के बाद लागू करने की मांग की.

छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों के लिए जमीन की खरीद-बिक्री की प्रक्रिया को सरल बनाने और रजिस्ट्री के बाद नामांतरण की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एक नया सिस्टम तैयार किया है, जिससे रजिस्ट्री कार्यालय से ही 5 मिनट में नामांतरण हो सकेगा. इस नई पहल की जानकारी देने के लिए मास्टर ट्रेनर ने जिला पंचायत के सभा कक्ष में कलेक्टर, सांसद, विधायक और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में रजिस्ट्री के 10 क्रांतिकारी सुधारों की जानकारी दी और सुझाव मांगे. मास्टर ट्रेनर सत्य प्रकाश गौरहा ने बताया कि एक साल में राज्य सरकार ने रजिस्ट्रीकरण में सुधार लाकर 3000 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है. इसके अलावा, जमीन रजिस्ट्री के दौरान आने वाली छोटी-छोटी समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया गया है.

सांसद कमलेश जांगड़े ने बताया कि पहले रजिस्ट्री की प्रक्रिया बहुत जटिल थी, लेकिन राज्य सरकार के सुशासन में विष्णु देव साय और वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने जमीन की रजिस्ट्री से लेकर नामांतरण तक की प्रक्रिया को सरल किया है. पंजीयन विभाग द्वारा किए गए 10 नए सुधारों को लेकर मास्टर ट्रेनर सत्य प्रकाश गौरहा ने रजिस्ट्री की 10 क्रांतिकारी पहल के बारे में बताया…

1. फर्जी रजिस्ट्री रोकने के लिए आधार सत्यापन: पंजीयन सॉफ्टवेयर को आधार से लिंक किया गया है. पंजीयन के समय क्रेता-विक्रेता और गवाहों की पहचान आधार रिकॉर्ड और बायोमेट्रिक के माध्यम से की जाएगी, जिससे गलत व्यक्ति को खड़ा कराकर पंजीयन नहीं हो सकेगा. इससे फर्जी रजिस्ट्री की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा.

2. रजिस्ट्री खोज और डाउनलोड की सुविधा: अब रजिस्ट्री की जानकारी के लिए पंजीयन कार्यालय में उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं है. खसरा नंबर डालते ही उस खसरे के पूर्व के सभी लेनदेन की जानकारी एक क्लिक पर प्राप्त हो सकेगी. इससे क्रेताओं को विवादित या बंधक जमीन की जानकारी पहले ही मिल जाएगी.

3. भार मुक्त प्रमाण पत्र: यह प्रमाणपत्र संपत्ति खरीदने से पहले उसकी जानकारी उपलब्ध कराता है. संपत्ति पर ऋण, बंधक या पूर्व विक्रय की स्थिति अब ऑनलाइन भारमुक्त प्रमाण पत्र के माध्यम से आसानी से ज्ञात की जा सकती है। यह प्रमाणपत्र अब ऑनलाइन ही प्रदाय किया जा सकेगा.

4. स्टाम्प और पंजीयन शुल्क का कैशलेस भुगतान: पहले स्टाम्प शुल्क और पंजीयन शुल्क का अलग-अलग भुगतान करना पड़ता था. अब स्टाम्प और पंजीयन शुल्क का एक साथ कैशलेस भुगतान किया जा सकेगा. क्रेडिट/डेबिट कार्ड, पीओएस मशीन, नेट बैंकिंग या यूपीआई से भुगतान किया जा सकेगा.

5. व्हाट्सएप सेवाएं: पंजीयन कराने वाले क्रेता-विक्रेता को अपॉइंटमेंट सहित पंजीयन होने तक सभी प्रकार के अपडेट और अलर्ट व्हाट्सएप पर ही प्राप्त होंगे. रजिस्ट्री की प्रति भी व्हाट्सएप से ही डाउनलोड हो जाएगी. फीडबैक और शिकायतें भी व्हाट्सएप के माध्यम से की जा सकेंगी.

6. डिजीलॉकर की सुविधा: रजिस्ट्री दस्तावेजों को डिजीलॉकर में सुरक्षित स्टोर किया जाएगा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर पक्षकार को आसानी से डिजिटल प्रमाणित दस्तावेज उपलब्ध हो जाएं.

7. पेपरलेस रजिस्ट्री: जनता की सुविधा के लिए रजिस्ट्री को पेपरलेस बनाया गया है. ऑनलाइन दस्तावेज प्रारूप का चयन कर पक्षकार और संपत्ति विवरण दर्ज करने पर स्वतः ही दस्तावेज तैयार हो जाएगा.

8. डिजीडॉक सेवा: किरायानामा, शपथ पत्र, अनुबंध जैसे गैर-पंजीकृत दस्तावेज अब घर बैठे डिजिटल स्टाम्प के साथ ऑनलाइन तैयार किए जा सकते हैं.

9. घर बैठे रजिस्ट्री: दस्तावेज निर्माण, स्टाम्प भुगतान और रजिस्ट्री प्रक्रिया अब पूरी तरह ऑनलाइन होकर घर से ही पूर्ण की जा सकती है.

10. रजिस्ट्री के साथ स्वतः नामांतरण: रजिस्ट्री प्रक्रिया पूर्ण होते ही संबंधित क्रेता का नाम राजस्व रिकॉर्ड में स्वतः दर्ज हो जाएगा. इसके लिए अलग से नामांतरण आवेदन, शुल्क या लंबी प्रतीक्षा की आवश्यकता नहीं होगी. इससे नागरिकों के समय, प्रयास और खर्च तीनों की बचत होगी और फर्जीवाड़े का शिकार भी नहीं होना पड़ेगा.



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