छत्तीसगढ़ में फर्जी डिग्री का दिल्ली कनेक्शन: हर साल 60 फेक मामले, यूनिवर्सिटी से जुड़े बड़े सिंडिकेट के तार



Last Updated:May 15, 2025, 15:28 ISTRaipur News: छत्तीसगढ़ के पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में फर्जी डिग्रियां जारी करने का आरोप लगा है. दरअसल, हर साल 50 से 60 फर्जी डिग्रियों के मामले सामने आ रहे हैं. इतना ही नहीं छात्रों ने प्रबंधन पर मिली…और पढ़ेंCG News: छत्तीसगढ़ की यूनिवर्सिटी में फर्जी डिग्री का आरोप.हाइलाइट्सछत्तीसगढ़ में फर्जी डिग्री का खेल159 कॉलेज हैं पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय से संबद्धरजिस्ट्रार के मुताबिक 50 से 60 से अधिक डिग्रियां हर साल पाई जा रही फर्जीआकाश शुक्ला

रायपुर. देशभर में उच्च और तकनीकी शिक्षा के फर्जी डिग्रियों के बड़े गिरोह के तार छत्तीसगढ़ से जुड़े हुए हैं. News18 ने छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में फर्जी डिग्रियों का भांडा फोड़ किया है. दरअसल, News18 की पड़ताल में पता चला कि दिल्ली एंबेसी में विदेश जाने वीजा के लिए दो MCA और एक MBA डिग्रीधारियों ने आवेदन लगाया. इनकी मार्कशीट की जांच में ये फर्जी पाई गई. पड़ताल करते हुए जानकारी जुटाई गई तो आंकड़े चौंकाने वाले निकले. यहां हर साल 50 से 60 फर्जी डिग्रियों के मामले सामने आ रहे हैं, जो छत्तीसगढ़ समेत दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान, बिहार, असम, झारखंड, मेघालय, त्रिपुरा समेत कई राज्यों के छात्रों के हैं.

फर्जीवाड़े पर यूनिवर्सिटी प्रबंधन से सवाल पूछे जाने पर कुलपति डॉ. सच्चिदानंद शुक्ला पूरे मामले से पल्ला झाड़ लिया. जबकि विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. शैलेंद्र पटेल ने माना कि फर्जी डिग्रियों के काफी केस आ रहे हैं, जो छत्तीसगढ़ समेत देशभर से हैं. लेकिन फर्जीवाड़े पर खुद की जिम्मेदारी तय करने के बजाय बचते नजर आ रहे है. डिग्री प्रमाणित कराने वाले को ही FIR कराकर विश्वविद्यालय को बताने कराने की बात कर रहे है.

उठी कार्रवाई की मांग

इस पूरे मामले में रविशंकर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. एसके पांडेय का कहना है कि डिग्री विश्विद्यालय की प्रॉपर्टी है. ऐसे में यूनिवर्सिटी को FIR करानी चाहिए. लगातार अगर फर्जी डिग्रियों के केस हैं, तो विश्वविद्यालय स्तर पर किसी की संदिग्धता से इनकार नहीं किया जा सकता. पारदर्शी दिखाते हुए मामले को वेब साइट में भी डाला जाना चाहिए.

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बड़े पैमाने पर आ रहे फर्जी डिग्रियों के मामले में विश्वविद्यालय के छात्रों ने भी प्रबंधन के कामकाज पर सवाल उठाए है और अंदरखाने मिलीभगत का आरोप लगा रहे है. छात्रों ने फर्जी डिग्री मामले में शिकायत करते हुए कहा कि इसकी वजह से यहां पढ़ने वाले छात्रों की डिग्रियों पर सवाल उठ रहे हैं. विश्वविद्यालय स्तर पर मिलीभगत की आशंका है. एफआईआर कराकर इस पर कार्रवाई करनी चाहिए.

जिस तरह से फर्जी डिग्रियों के मामले आ रहे हैं और आरोप लग रहे हैं, एफआईआर से बचते नजर आ रहे है, राष्ट्रीय स्तर पर गिरोह के तार विश्विद्यालय के अंदर जुड़े होने और मिलीभगत की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है, जो राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय की गरिमा पर बट्टा लगा रहा है.
Preeti GeorgePreeti George is lead content writer at hindi.news18.com having experience of more than 5 years in digital media. After completing her masters from Kushabhau Thakre Journalism university, she worked in various …और पढ़ेंPreeti George is lead content writer at hindi.news18.com having experience of more than 5 years in digital media. After completing her masters from Kushabhau Thakre Journalism university, she worked in various … और पढ़ेंभारत पाकिस्तान की ताज़ा खबरें News18 India पर देखेंLocation :Raipur,Raipur,Chhattisgarhhomechhattisgarhछत्तीसगढ़ में फर्जी डिग्री का दिल्ली कनेक्शन: हर साल 60 फेक मामले



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