जैविक खेती से किसान जदुनंदन की बदली किस्मत, इस फसल से सालाना लाखों में कर रहे कमाई



Last Updated:May 01, 2025, 16:27 ISTOrganic Tomato Farming: बिलासपुर स्थित नगर पंचायत मल्हार के किसान जदुनंदन प्रसाद वर्मा जैविक तरीके से टमाटर की खेती कर रहे हैं. जैविक खाद और प्राकृतिक संसाधनों के इस्तेमाल से बेहतरीन पैदावार मिल रही है. खेत में…और पढ़ेंX
जैविक खेती से टमाटर की बंपर पैदावार से हो रही लाखों की कमाई.
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जैविक खेती से टमाटर की बंपर पैदावार से हो रही लाखों की कमाई.हाइलाइट्सजदुनंदन वर्मा जैविक टमाटर की खेती से लाखों कमा रहे हैं.ड्रिप इरीगेशन तकनीक से टमाटर की बेहतरीन पैदावार हो रही है.जैविक खेती से अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बने जयूनंदन वर्मा.बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के नगर पंचायत मल्हार के किसान जदुनंदन प्रसाद वर्मा पारंपरिक खेती के साथ जैविक खेती का बेहतरीन उदाहरण पेश कर रहे हैं. जहां अधिकतर किसान केवल धान की खेती तक सीमित हैं, वहीं जदुनंदन प्रसाद वर्मा ने एक एकड़ जमीन पर जैविक तरीके से टमाटर की खेती कर सालाना लाखों रुपए की कमाई कर यह साबित कर दिया है कि खेती में नवाचार और जैविक पद्धतियां किस तरह से आम किसानों के लिए आर्थिक क्रांति ला सकती हैं.

जैविक तरीके से कर रहे टमाटर की खेती

जदुनंदन वर्मा ने बताया कि उन्होंने टमाटर की खेती के लिए पूरी तरह से जैविक पद्धति अपनाई है. जैविक खाद और प्राकृतिक संसाधनों के इस्तेमाल से उन्हें टमाटर की पैदावार मिल रही है. वे अब तक अपनी फसल से 800 कैरेट से अधिक टमाटर निकाल चुके हैं, जिसे बाजार में बेचकर उन्हें अच्छी-खासी आमदनी हुई है. जयूनंदन वर्मा अपने खेत में ड्रिप इरीगेशन तकनीक का उपयोग करते हैं, जिससे पौधों को आवश्यकता अनुसार पानी मिल पाता है. उन्होंने बताया कि इस साल पानी की थोड़ी कमी रही, फिर भी जैविक खेती की वजह से उनकी टमाटर की फसल सुरक्षित रही और पैदावार में कोई खास गिरावट नहीं आई.

खेती की तैयारी ऐसे करते हैं जदुनंदन

किसान ने बताया कि खेत की तैयारी सबसे पहले रोटावेटर से की जाती है, फिर पाटा चलाकर खेत को समतल किया जाता है. खेत में पानी न रुके इसके लिए बेड बनाकर उसके दोनों ओर नालियां बनाई जाती हैं. जैविक खाद जैसे गोबर खाद (5 ट्रैक्टर), मुर्गी अपशिष्ट (2 ट्रैक्टर), नीम खली और सरसों खली का उपयोग कर मिट्टी को उपजाऊ बनाया जाता है. किसान का मानना है कि पारंपरिक धान की खेती की तुलना में टमाटर की जैविक खेती ज्यादा फायदेमंद है. धान में अधिक पानी लगता है और गर्मी में सिंचाई एक चुनौती बन जाती है, जबकि टमाटर की फसल कम पानी में भी बेहतर परिणाम देती है. उन्होंने बताया कि टमाटर की एक फसल से किसान लाखों रुपए की कमाई कर सकते हैं.

जदुनंदन वर्मा की सफलता की कहानी अन्य किसानों के लिए एक प्रेरणा है. उनका मानना है कि अगर किसान धान जैसी पारंपरिक फसलों के बजाय मौसमी और लाभकारी सब्जियों की जैविक खेती करें, तो वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकते हैं और खेती को एक फायदे का सौदा बना सकते हैं.
Location :Bilaspur,Chhattisgarhhomeagricultureइस फसल की खेती से किसान जदुनंदन की बदली किस्मत, सालाना लाखों में कर रहे कमाई



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