Last Updated:May 08, 2025, 15:40 ISTराजनांदगांव के महुआ प्रसंस्करण केंद्र में स्व सहायता समूह की महिलाएं महुआ, कोदो, कुटकी और रागी से बिस्किट बना रही हैं. यह पहल न केवल आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनी है, बल्कि महुआ की गलत धारणा भी तोड़ रही है.X
महुआ बिस्किटहाइलाइट्समहुआ से महिलाएं बना रही हैं बिस्किटमहुआ बिस्किट की बाजार में अच्छी मांगमहुआ के औषधीय गुणों से भरपूर बिस्किटराजनांदगांव- महुआ को अक्सर देशी शराब से जोड़ा जाता है, लेकिन राजनांदगांव की महिलाएं इस सोच को बदल रही हैं. गौरव पथ स्थित महुआ प्रसंस्करण केंद्र में स्व-सहायता समूह की महिलाएं महुआ से बिस्किट, एनर्जी बार और लड्डू जैसे उत्पाद बना रही हैं. वन विभाग के सहयोग से चल रहे इस केंद्र में तैयार महुआ बिस्किट की बाजार में अच्छी मांग है.
पौष्टिकता से भरपूर बिस्किट की बढ़ती मांगमहुआ के साथ कोदो, कुटकी और रागी को मिलाकर तैयार किया गया यह बिस्किट अपने औषधीय गुणों और पौष्टिकता के लिए लोकप्रिय हो रहा है. वर्तमान में यह बिस्किट एनब्ल्यूएफटी मार्ट दुर्ग जैसे बाजारों के माध्यम से बेचा जा रहा है और प्रीमियम उत्पादों की श्रेणी में शामिल हो चुका है.
महिला समूहों की सफलता की कहानीजय मां फिरंतीन स्व सहायता समूह की दस महिलाएं इस केंद्र में कार्यरत हैं. उनके द्वारा तैयार किए जा रहे 9 प्रकार के बिस्किट स्थानीय स्तर पर न सिर्फ पसंद किए जा रहे हैं, बल्कि आर्थिक रूप से उन्हें आत्मनिर्भर भी बना रहे हैं. यह पहल ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है.
भ्रांतियों को कर रही हैं दूरमहुआ को लेकर आमतौर पर यह धारणा है कि इसका इस्तेमाल सिर्फ शराब बनाने में होता है, लेकिन अब महिलाएं यह संदेश दे रही हैं कि महुआ से पोषणयुक्त और लाभकारी उत्पाद भी बनाए जा सकते हैं. इस बदलाव से महुआ के प्रति लोगों की सोच में सकारात्मक बदलाव आ रहा है.
औषधीय गुणों से भरपूर है महुआमहुआ के फूलों में कई औषधीय गुण पाए जाते हैं. यह हीमोग्लोबिन को बढ़ाने, बुखार, दांत दर्द और पेट दर्द जैसी समस्याओं में लाभकारी माना जाता है. महुआ से बना बिस्किट न सिर्फ स्वाद में बेहतरीन है बल्कि स्वास्थ्यवर्धक भी है. उचित मात्रा में इसका सेवन शरीर के लिए लाभकारी सिद्ध हो सकता है.
Location :Rajnandgaon,Chhattisgarhhomechhattisgarhताकत की फैक्ट्री है ये देसी फल, औषधीय गुणों की खान से महिलाएं बना रही है…
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