Last Updated:May 13, 2025, 19:27 ISTधर्म शास्त्रों में कुछ तिथियां और त्योहार बताए गए हैं, जिनमें भूलकर भी रोटी नहीं बनानी चाहिए. अगर कोई ऐसा करता है तो माता लक्ष्मी नाराज हो जाती है और घर में दरिद्रता का वास हो जाता है. आइए जानते हैं ऐसी ही कुछ …और पढ़ेंभूलकर भी न बनाएं रोटीहाइलाइट्सदीपावली के दिन रोटी बनाना अशुभ माना गया है.शरद पूर्णिमा के दिन रोटी नहीं बनानी चाहिए.नाग पंचमी के दिन रोटी बनाना निषेध है.आपने देखा या सुना होगा कि कुछ तिथियां ऐसी होती हैं, जिनमें चावल बनाना अशुभ होता है. जैसे एकादशी के दिन चावल बनाना निषेध है. ऐसे ही धर्म शास्त्रों में ऐसे कुछ त्योहार और तिथियां बताई गई हैं, जिनमें रोटी बनाना भी बेहद अशुभ बताया गया है. अगर ऐसा कोई करता है तो घर में दरिद्रता का वास होता है और जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. आइए जानते हैं ऐसे कौन से त्योहार और तिथियां हैं, जिनमें रोटी बनाना अशुभ माना जाता है…
मां लक्ष्मी हो जाती हैं नाराजज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मां लक्ष्मी का त्योहार दिवाली के दिन रोटी बनाना बहुत अशुभ बताया गया है. मान्यता है कि अगर कोई दीपावली के दिन गैस पर तवा चढ़ाकर रोटी बनाता है तो उसके घर पर मां लक्ष्मी का आगमन नहीं होता है और मां नाराज भी हो जाती हैं, जिसकी वजह से धन संबंधित कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
इस दिन ना चढ़ाएं तवाशरद पूर्णिमा के दिन यानी जब चांद अपनी 16 कलाओं में दक्ष होता है, उस दिन गैस पर तवा चढ़ाकर रोटी नहीं बनानी चाहिए. ऐसा करना शास्त्रों में गलत बताया गया है. मान्यता है कि शरद पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी पृथ्वी भ्रमण करती हैं और भक्तों को धन धान्य और समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं. इसलिए इस दिन रोटी बनाना अशुभ माना गया है.
कालसर्प दोष का रहता है भयनाग पंचमी के दिन भी रोटी बनाना बहुत अशुभ माना गया है. शास्त्रों में भी इस दिन चूल्हे पर तवा रखना और रोटी बनाना निषेध बताया गया है. मान्यता है कि इस दिन रोटी बनाने से राहु ग्रह का प्रभाव बढ़ जाता है और नाग देवता नाराज हो जाते हैं. साथ ही कालसर्प दोष भी लग जाता है इसलिए नाग पंचमी के दिन भूलकर भी रोटी नहीं बनानी चाहिए.
इन तिथियों पर ना बनाएं रोटीशास्त्रों के अनुसार, मां लक्ष्मी से जुड़ी जो भी तिथियां या त्योहार आते हैं, उन सभी पर गैस पर तवा नहीं रखना चाहिए और रोटी नहीं बनानी चाहिए. रोटी की जगह पकवान बनाने चाहिए और उन्हीं पकवान से माता लक्ष्मी का भोग लगाना चाहिए. मान्यता है कि ऐसा करने से माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है.
रोटी बनाना तब है निषेधसनातन धर्म में अगर घर में किसी की मृत्यु हो गई है तो दाह संस्कार (अन्त्येष्टि) से पहले ना तो तवा चढ़ाया जाता है और ना ही रोटी बनाई जाती है. कर्मकांड में मृतक के शव को चिता पर ले जाने से पहले कुछ विशेष चीजें लेकर जाई जाती हैं, जिनमें से एक रोटी भी है. इसलिए दाह संस्कार से पहले घर पर रोटी बनाना निषेध है.
इस दिन खाया जाता है बासी भोजनशीतला अष्टमी या सप्तमी तिथि के दिन जब माता शीतला देवी की पूजा की जाती है, उस दिन बासी खाने का भोग माता को लगाया जाता है. साथ ही सभी घरवाले बासी भोजन ही करते हैं. इसलिए इस दिन रोटी नहीं बनानी चाहिए. कुछ जगहों पर शीतला अष्टमी को माता शीतला की पूजा की जाती है और कुछ जगहों पर सप्तमी तिथि पर.
Parag Sharmaमैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प…और पढ़ेंमैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प… और पढ़ेंhomedharmदेवी लक्ष्मी के इन पर्वों पर भूलकर भी न बनाएं रोटी, मां होंगी नाराज
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