शंकराचार्य मंदिर पर पाक का ड्रोन हमला पूरी तरह विफल, मुगल शासक ने बनवाया था यहां स्तंभ और छत



Last Updated:May 12, 2025, 13:44 ISTभारत की चौतरफा मार झेलने के बाद पाकिस्तान ने बौखलाहट में भारत के कई धार्मिक स्थलों को निशना बनाया है. हालांकि सशस्त्र ड्रोन से किए गए पाकिस्तान के ये हमले पूरी तरह नाकाम भी साबित हो गए. पाकिस्तान ने 8 से 10 ड्र…और पढ़ेंहाइलाइट्सशंकराचार्य मंदिर पर पाक का ड्रोन हमला विफल रहा.भक्तों में किसी भी तरह का भय नहीं दिखा.शंकराचार्य मंदिर 8वीं सदी का है.ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने पाकिस्तान के अंदर घूसकर ना केवल आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया बल्कि कई सैन्य अड्डों को भी तबाह कर दिया. इस वजह से तिलमिलाए पाकिस्तान ने भारत के रिहायशी इलाके, धार्मिक स्थल और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया लेकिन इसमें भी वह पूरी तरह विफल रहा. 10 मई दिन शनिवार को पाकिस्तान की तरफ से श्रीनगर में स्थित शंकराचार्य मंदिर पर ड्रोन हमले की नाकाम कोशिश की गई, इसके बावजूद भक्तों में कोई डर नहीं लगा और पवित्र मंदिर में दर्शन का सिलसिला लगातार जारी रहा.

शंकराचार्य मंदिर को बनाया निशाना

10 मई दिन शनिवार रात को 8 से 10 ड्रोन को शंकराचार्य मंदिर के पास इंटरसेप्ट किया गया था, जो कि पाकिस्तान की तरफ से भेजे गए थे. श्रीनगर को दहलाने की पाकिस्तान की साजिश नाकाम तो हो गई और उसके बाद इस पवित्र मंदिर में भक्त पूरे उत्साह से आ रहे हैं. भक्तों के अंदर किसी भी तरह का कोई भय देखने को नहीं मिला क्योंकि उनको ईश्वर और भारतीय सेना पर पूरा विश्वास था. भक्तों का कहना है कि भगवान भोलेनाथ की कृपा है और वही सब की रक्षा करेंगे.

बेहद खास है शंकराचार्य मंदिर

शंकराचार्य मंदिर, जिस पहाड़ पर स्थित है, उसे गोपाद्रि के नाम से जाना जाता है. मान्यता है कि 8वीं सदी में आदिगुरु शंकराचार्य यहां आए थे, इस वजह से मंदिर का नाम शंकराचार्य मंदिर पड़ा है. भगवान शिव को समर्पित इस मंदिर को ज्येठेश्वर महादेव के नाम से भी जाना जाता है. भक्त मेन गेट से मंदिर के सामने स्थित बाग तक पहुंचने के लिए करीब 244 सीढ़ियां चढ़ते हैं और मंदिर के गर्भगृह तक पहुंचने के लिए 30 सीढ़ियां और चढ़नी पड़ती है. मंदिर इतनी ऊंचाई पर स्थित है कि यहां से पूरा श्रीनगर शहर और डल झील का भव्य नजारा देखने को मिलता है.

मंदिर में मौजूद है शंकराचार्य की तपस्या स्थली

शंकराचार्य मंदिर की शैली को देखकर लगता है कि इस मंदिर का निर्माण छठी या सातवीं शताब्दी में किया गया था. गर्भगृह से कुछ सीढ़ियां नीचे उतरने के बाद पत्थर का एक छोटा सा कमरा दिखाई देता है, बताया जाता है कि इसी कमरे में आदिगुरु शंकराचार्य ने तपस्या की थी. मंदिर से थोड़ी दूर पर एक कुंड भी है, जिसे गौरी कुंड कहा जाता है, जो कि अब पूरी तरह सुख चूका है. मंदिर की सीढ़ियां चढ़ते समय फारसी भाषा में दो अभिलेख मौजूद हैं, जिनमें से एक पर लिखा है कि मंदिर की स्थापना 1659 ई. में कई गई थी और दूसरे अभिलेख के अनुसार, 1644 ई. में शाहजहां द्वारा मंदिर की छत और स्तंभ बनवाया गया था.

कई धार्मिक स्थलों को बनाया निशाना

शंकराचार्य मंदिर के साथ ही पाकिस्तान ने भारत के कई धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया है. इसमें जम्मू के प्रसिद्ध आप शंभू मंदिर भी है, यहां पर पाकिस्तानी सेना ने सशस्त्र ड्रोन से हमला करने की कोशिश की थी लेकिन वह हमला पूरी विफल रहा. इसके साथ ही पाकिस्तान ने पूंछ के गुरुद्वारे और चर्च पर भी हमला किया. चारों तरफ से भारत की मार झेलने के बाद पाकिस्तान अमेरिका के पास गया और सीजफायर की मांग करने लगा. इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर लागू हो गया.
Parag Sharmaमैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प…और पढ़ेंमैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प… और पढ़ेंhomedharmशंकराचार्य मंदिर पर पाक का ड्रोन हमला विफल, मुगल शासक ने बनवाया था यहां स्तंभ



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