Last Updated:May 09, 2025, 13:39 ISTसतरेंगा पर्यटन स्थल जल स्तर गिरने के कारण वीरान हो गया है. बांगो बांध में पानी की भारी कमी से वोटिंग बंद, कॉटेज खाली और रोजगार प्रभावित हुआ है. यह कभी छत्तीसगढ़ का मिनी गोवा कहलाने वाला स्थल अब संकट में है.X
Image हाइलाइट्ससतरेंगा में जल स्तर गिरने से पर्यटन प्रभावित.बांगो बांध में पानी की कमी से नाविकों की जीविका खतरे में.कभी मिनी गोवा कहलाने वाला सतरेंगा अब वीरान.कोरब- कोरबा जिले का सतरेंगा, जिसे छत्तीसगढ़ का ‘मिनी गोवा’ कहा जाता है, इस समय गंभीर जल संकट से गुजर रहा है. बांगो बांध का जल स्तर करीब 10.79 मीटर तक नीचे चला गया है, जिससे इस प्रसिद्ध पर्यटन स्थल की रौनक गायब हो गई है.
पानी की कमी से पर्यटन पर गहरा असरसतरेंगा का आकर्षण कभी समुद्रीय लहरों की तरह लगता था, जहां शैलानी वोटिंग का आनंद लेते थे. लेकिन अब यह पूरा इलाका वीरान हो गया है. जल स्तर घटने से वन विभाग के कॉटेज भी बंद कर दिए गए हैं, जिससे पर्यटकों का आना लगभग बंद हो गया है.
सूखे से उजागर हुई झील की तलहटीजहां कभी पानी की लहरें रिज़ॉर्ट की दीवारों से टकराया करती थीं, वहां अब सूखी जमीन पर पेड़ों के अवशेष और शिप्स बिखरे पड़े हैं. यह दृश्य बताता है कि यह क्षेत्र कभी पानी से लबालब भरा रहता था. अब रिज़ॉर्ट से 300–400 मीटर तक का क्षेत्र पूरी तरह सूख चुका है.
नाविकों का रोजगार खतरे मेंवोटिंग बंद होने से नाविकों की रोजी-रोटी पर संकट गहरा गया है. कई मोटर वोट खराब पड़े हैं और सफाई का भी अभाव है. जिससे सतरेंगा की खूबसूरती और व्यवस्था दोनों ही बुरी तरह प्रभावित हुई हैं.
करोड़ों की लागत, फिर भी अव्यवस्थाकांग्रेस सरकार के समय इस स्थल को पर्यटन के लिए विकसित करने पर करोड़ों खर्च किए गए थे, लेकिन अब अव्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही के कारण यह स्थल उपेक्षित होता जा रहा है.
बांगो बांध का ऐतिहासिक महत्व1967 में हसदेव नदी पर बना मिनीमाता बांगो बांध इस क्षेत्र का प्रमुख जलस्रोत है. इसकी ऊंचाई 86 मीटर और जलग्रहण क्षेत्र 6,730 वर्ग किलोमीटर है. जल स्तर घटने के कारण अब डूबे हुए गांवों के पुराने पेड़ों के अवशेष सतह पर नजर आने लगे हैं.
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