हनुमानजी को संकट मोचन क्यों कहा जाता है, वजह जानकर हो जाएंगे दंग, कथाओं में है जिक्र



Last Updated:May 13, 2025, 18:08 IST’सब सुख लहै तुम्हारी सरना। तुम रक्षक काहू को डर ना’ इस चौपाई में बताया गया है कि जो भी भक्त हनुमानजी के चरणों में जाता है, उसको किसी भी तरह का भय नहीं लगता. हनुमानजी का नाम लेने मात्र से सभी दुख, कष्ट, भय, तनाव…और पढ़ेंहाइलाइट्सहनुमानजी को संकट मोचन कहा जाता है क्योंकि वे सभी संकट दूर करते हैं.हनुमानजी का नाम लेने से सभी नकारात्मक शक्तियां नष्ट हो जाती हैं.हनुमान चालीसा का पाठ करने से भय, तनाव से मुक्ति मिलती है.‘अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता, अस वर दीन जानकी माता‘ हनुमान चालीसा का यह चौपाई बताती है कि हनुमानजी को माता जानकी ने 9 सिद्धियां और 9 निधियां देने का वरदान दिया था. ये सिद्धियां और निधियां प्राप्त होने के बाद भी बजरंगबली केवल प्रभु राम के दास बनकर रहे. हनुमानजी को भगवान शिव का रुद्रावतार माना जाता है और हनुमानजी का नाम लेने मात्र से भक्त सभी तरह के दुख, कष्ट, भय, रोग, बाधा, भूत-प्रेत समेत सभी नकारात्मक शक्तियों दूर हो जाती हैं. इन सभी शक्तियों के बाद भी हनुमानजी को राम नाम लेना प्रिय है, राम का दास बनकर रहना प्रिय है, राम की कथा का गान करना प्रिय है. हनुमानजी को आंजनेय, बजरंगबली, मारुति, राम भक्त आदि नामों अलावा संकट मोचक भी कहा जाता है. क्या आपको पता है कि रामभक्त हनुमानजी को संकटमोचन क्यों कहा जाता है..

इसलिए हनुमानजी को कहा जाता है संकटमोचनपुराणों व शास्त्रों के अनुसार, हनुमानजी को भगवान शिव का रुद्रावतार माना जाता है. वह भगवान राम के दूत हैं और अतुलनीय शक्तियों का भंडार भी. हनुमानजी को संकट मोचक इसलिए कहा जाता है क्योंकि वह अपने भक्तों के सभी संकटों को दूर कर देते हैं. रामायण की कथा के अनुसार, हनुमानजी ने विशाल समुद्र को पार करके माता जानकी का पता लगाया था. फिर वह श्रीराम के दूत बनकर रावण के पास गए और रावण ने उनको पकड़ लिया था. फिर भी वह अपने चतुराई से बचकर निकल गए और रावण की सोने की लंका में आग लगा दी.

राम नाम लेने से हनुमानजी खुशहनुमानजी ने रामजी के वनवास के मार्ग में जो भी समस्याएं आ रही थीं, वे दूर करते गए और राम नाम लेकर अपनी भक्ति का प्रमाण देते रहे. साथ ही हनुमानजी ने भारत से लंका तक रास्ते के लिए तैरते हुए पत्थरों का इस्तेमाल करके पुल बनाया और भगवान राम की रावण के साथ युद्ध में सहायता भी की. सीता माता प्रभु श्रीराम के प्रति हनुमानजी की भक्ति और प्रेम को देखकर काफी खुश हुईं और अमरता का वरदान दे दिया. हनुमानजी बिना किसी स्वार्थ के केवल राम नाम लेते रहे और प्रभु की सेवा करते रहे. राम नाम लेने वाले सभी भक्तों के संकटों को दूर करने वाले हनुमानजी सकंट मोचन महाबली हनुमान कहलाए गए.

सभी संकटों को करते हैं दूरहनुमानजी का नाम लेने मात्र से सभी संकट दूर हो जाते हैं और भूत-प्रेत, तंत्र-मंत्र, बुरी नजर समेत सभी नकारात्मक शक्तियां नष्ट हो जाती हैं. शास्त्रों में बताया हर रोज हनुमान चालीसा का पाठ करने से सभी तरह के भय, तनाव से मुक्ति मिलती है और मानसिक शांति, बल, साहस, बुद्धि, ज्ञान और शक्ति में वृद्धि होती है. सभी देवी देवताओं में हनुमानजी को प्रसन्न करना सबसे आसान है क्योंकि हनुमानजी केवल राम नाम लेने से प्रसिद्ध हो जाते हैं. हनुमानजी को विजय का देवता माना जाता है अर्थात हनुमानजी सभी दुश्मनों और शत्रुओं से अपने भक्तों की रक्षा करते हैं और भक्तों को किसी भी बुरी योजना से दूर रखते हैं.
Parag Sharmaमैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प…और पढ़ेंमैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प… और पढ़ेंhomedharmहनुमानजी को संकट मोचन क्यों कहा जाता है, वजह जानकर हो जाएंगे दंग



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