Last Updated:May 12, 2025, 07:42 ISTChhattisgarh Telangana Naxali Encounter: छत्तीसगढ़ तेलंगाना बॉर्डर पर चल रहे नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन को बंद कर दिया गया है. इस ऑपरेशन में करीब चार नक्सलियों को मार गिराया है.छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर पर चल रहा नक्सल ऑपरेशन खत्म. (सांकेतिक तस्वीर)रायपुरः छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर पर स्थित करेगुट्टा पहाड़ी में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन को खत्म करने का फैसला किया गया है. इस ऑपरेशन में वायु सेना भी शामिल थी, जो हेलिकॉप्टरों व चॉपर के जरिए नक्सलियों को घेरे हुए थे. इस ऑपरेशन में 28000 सैनिक शामिल थे. यह अब तक का सबसे बड़ा नक्सल ऑपरेशन था, जिसे करीब 20 दिन बाद बंद कर दिया गया. इस ऑपरेशन में कई नक्सलियों को मार गिराया गया.
21 अप्रैल को में शुरू हुआ था ऑपरेशन
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों के खिलाफ चलाए गए इस अभियान में केंद्रीय और राज्य पुलिस बल के जवान भी शामिल थे. बीते 21 अप्रैल को इस ऑपरेशन की शुरुआत हुई थी. खुफिया रिपोर्टों के आधार पर बताया गया था कि टॉप नक्सली लीडर करेगुट्टा की पहाड़ियों में छिपे हुए हैं, जिनकी सुरक्षा नक्सलियों की सबसे मजबूत और सबसे खूंखार सशस्त्र शाखा – पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की बटालियन 1 द्वारा की जा रही थी. हालांकि अधिकारियों ने पुष्टि की है कि नक्सल मुक्त अभियान को बंद कर दिया गया है, लेकिन ऐसा क्यों हुआ, इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.
सेना का क्या था मेन टारगेट
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और राज्य पुलिस मंगलवार सुबह मीडिया को संबोधित करने वाले हैं. अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का एक मेन टारगेट नक्सलियों के आर्म्ड यूनिट को खत्म करना है, जिन्होंने सुकमा और बीजापुर में करीब 6 बड़े हमले किए थे. पिछले साल जनवरी में सुकमा के टेकलगुडा में तीन जवानों की गोली मारकर हत्या की घटना भी इसी यूनिट ने अंजाम दिया था. अधिकारियों ने इस ऑपरेशन को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए मार्च 2026 तक की समय सीमा तय करने में एक बड़ी सफलता के रूप में देखा.
इस ऑपरेशन में तीन जवान हुए शहीद
इस नक्सल ऑपरेशन को सबसे चैलेंजिंग मिशन माना गया था, क्योंकि इसमें 700 मीटर घने जंगल से ढकी पहाड़ी पर चढ़ना था. इस अभियान में नक्सल विरोधी अभियानों में स्पेशन फोर्स ग्रेहाउंड्स के तीन जवान आईईडी विस्फोट में शहीद हो गए, जबकि सीआरपीएफ, जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के 6-7 अन्य जवान मामूली रूप से घायल हो गए.
चार नक्सलियों के मारे जाने की हुई पुष्टि
इस नक्सल ऑपरेशन में कम से कम चार माओवादियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है. हालांकि सरकारी सूत्रों के अनुसार यह संख्या दो दर्जन से ज़्यादा है, जिसमें एक वरिष्ठ माओवादी नेता भी शामिल है. अधिकारियों ने बताया कि लगभग 2 टन विस्फोटक सामग्री और 400 इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) के अलावा 40 हथियार बरामद किए गए हैं. अधिकारियों के अनुसार, इस साल बस्तर क्षेत्र में कम से कम 129 माओवादियों को मार गिराया गया है, जबकि छत्तीसगढ़ में कुल 146 माओवादी मारे गए हैं. पिछले साल राज्य में कुल 219 माओवादी मारे गए, जिनमें बस्तर में 217 माओवादी मारे गए थे.
Prashant RaiPrashant Rai is a seasoned journalist with over seven years of extensive experience in the media industry. Having honed his skills at some of the most respected news outlets, including ETV Bharat, Amar Ujala, a…और पढ़ेंPrashant Rai is a seasoned journalist with over seven years of extensive experience in the media industry. Having honed his skills at some of the most respected news outlets, including ETV Bharat, Amar Ujala, a… और पढ़ेंभारत पाकिस्तान की ताज़ा खबरें News18 India पर देखेंhomechhattisgarh20 दिन, 480 घंटे, गोलियों की तड़तड़ाहट… आसमान से बरसी थी मौत, जमीन पर था काल
Source link