which mantra should be chanted while applying tilak lagane ke niyam aur usse hone wale fayde।तिलक लगाने से पहले जान लें कुछ खास नियम, अलग-अलग अंगों पर लगाते समय करें इन मंत्रों का जाप, जानें इससे होने वाले फायदे



Tilak Lagane Ke Niyam : भारत में तिलक लगाने की परंपरा बहुत पुरानी है. तिलक न केवल धार्मिक कार्यों का भाग है, बल्कि इसे ऊर्जा और आस्था से भी जोड़ा जाता है. हिन्दू धर्म में तिलक को शुभता और रक्षा का प्रतीक माना जाता है. तिलक लगाने से शरीर और मन दोनों को सकारात्मक ऊर्जा मिलती है. कई लोग तिलक को केवल एक धार्मिक चिन्ह समझते हैं, लेकिन भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा के अनुसार भी इसका गहरा असर होता है. इसलिए तिलक लगाते समय कुछ खास मंत्रों का उच्चारण करने की सलाह दी जाती है, जिससे इसका लाभ और बढ़ जाता है.

तिलक लगाने के जरूरी नियमतिलक लगाने से पहले कुछ साधारण नियमों का ध्यान रखना अच्छा माना गया है.-तिलक हमेशा स्नान करने के बाद और साफ वस्त्र पहनकर लगाना चाहिए.-तिलक लगाने के लिए अनामिका उंगली यानी रिंग फिंगर का उपयोग करें.-लेटे हुए या चलते फिरते तिलक नहीं लगाना चाहिए.-तिलक लगाते समय आपका मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए.-अपने इष्ट देव के अनुसार तिलक का रंग और सामग्री चुननी चाहिए, जैसे चंदन, भस्म या कुमकुम.-तिलक लगाते हुए उचित मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है.

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तिलक लगाते समय कौन सा मंत्र बोलें?तिलक लगाने के अलग अलग स्थानों और मौकों के लिए अलग मंत्र बोले जाते हैं.-माथे पर चंदन लगाते समय: ‘केशवानन्त गोविन्द बाराह पुरुषोत्तम’-गले पर तिलक लगाते समय: ‘ॐ श्री गोविंदाय नमः’-छाती पर तिलक लगाते समय: ‘ॐ श्री माधवाय नमः’-दाहिनी भुजा पर तिलक लगाते समय: ‘ॐ गोविन्दाय नमः’-बाईं भुजा पर तिलक लगाते समय: ‘ॐ विष्णवे नमः’-सिर की चोटी यानी शिखा पर तिलक लगाते समय: ‘ॐ श्री वासुदेवाय नमः’

जब पूजा या हवन के दौरान ब्राह्मण तिलक करते हैं, तो यह मंत्र बोला जाता है-ॐ आदित्या वसवो रुद्रा विश्वेदेवा मरुद्गणाः तिलकान्ते प्रयच्छन्तु धर्मकामार्थसिद्धये

महायज्ञ के समय तिलक करते हुए गायत्री मंत्र का उच्चारण किया जाता है-ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्

रोजाना तिलक लगाते समय इस मंत्र का जाप करना बहुत लाभकारी माना गया है-केशवानन्त गोविन्द बाराह पुरुषोत्तम. पुण्यं यशस्यमायुष्यं तिलकं मे प्रसीदतु. कान्ति लक्ष्मीं धृतिं सौख्यं सौभाग्यमतुलं बलम्. ददातु चन्दनं नित्यं सततं धारयाम्यहम्.

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तिलक और मंत्रों के लाभरोज तिलक लगाने और मंत्र बोलने से मन शांत रहता है और तनाव कम होता है. इससे ध्यान केंद्रित करने की शक्ति बढ़ती है और स्मरण शक्ति मजबूत होती है. तिलक लगाने से चेहरे पर तेज और आकर्षण आता है. नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. साथ ही, भाग्य में भी सुधार हो सकता है और जीवन में सुख समृद्धि बढ़ती है.



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