राजनांदगांव में जल संरक्षण की पहल ला रही रंग, संकटग्रस्त गांवों में दिखा सकारात्मक असर



04 इसी प्रकार वर्ष 2024-25 में मनरेगा अभिसरण अंतर्गत राशि 255 लाख रूपए लागत से 12 जल स्रोत विहिन ग्रामों का चिन्हाकन कर ग्रामीणों व कृषकों की मदद से ज्यादा जल भराव वाले क्षेत्रों में पक्का चेकडेम का निर्माण कराया गया है,जिससे 362 हेक्टेयर कृषि रकबे में सिंचाई क्षमता में वृद्धि के साथ 314 कृषकों द्वारा चना,गेहूं व सब्जी फसलों की खेती कर नालों में संरक्षित जल का उपयोग किया जा रहा है. जल संकटग्रस्त ग्रामों में चेकडेम, स्टॉपडेम निर्माण होने से इस वर्ष 14580 हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं, 3362 हेक्टेयर क्षेत्र में मक्का व 36678 हेक्टेयर क्षेत्र में चना फसल की खेती के साथ अन्य दलहन,तिलहन फसलों का रकबा भी बढ़ा है.



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