Last Updated:May 04, 2025, 17:24 ISTSita Navami 2025 Upay: सीता नवमी 2025 में 5 मई को मनाई जाएगी. विवाहित महिलाएं इस दिन व्रत रखती हैं और पति की लंबी उम्र की प्रार्थना करती हैं. ज्योतिषाचार्य अंशुल त्रिपाठी ने विवाह संबंधित उपाय बताए हैं. विवाह म…और पढ़ेंसीता नवमी 2025 पर करें ये उपाय!हाइलाइट्ससीता नवमी 2025 में 5 मई को मनाई जाएगी.विवाह संबंधित उपाय प्रदोष काल में करें.उपाय करते समय किसी से बातचीत न करें.Sita Navami 2025 Upay: सीता नवमी, जिसे जानकी जयंती या सीता जयंती भी कहा जाता है, भगवान श्रीराम की पत्नी माता सीता के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है. यह पर्व हर साल वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है. माता सीता को मां लक्ष्मी का अवतार माना जाता है. इस दिन विवाहित महिलाएं व्रत रखती हैं और अपने पति की लंबी उम्र के लिए प्रार्थना करती हैं. इस वर्ष सीता नवमी 2025 में 5 मई को यानी कल सोमवार को मनाई जाएगी. इस दिन किए गए उपाय बेहद कारगर माने जाते हैं. खासकर शादी विवाह से जुड़े हुए. अगर आप संतान के विवाह को लेकर चिंतित हैं? तो सीता जयंती के शुभ अवसर पर आप इसे कर सकते हैं.
इस दिन किए गए विवाह संबंधित उपाय शीघ्र फल देने वाले माने जाते हैं. इस उपाय के बारे में बता रहे हैं ज्योतिषाचार्य अंशुल त्रिपाठी. अब जानते हैं कि आपको क्या करना है और कैसे करना है.
उपाय विधि (शाम को प्रदोष काल में करें)
स्नान कर स्वच्छ लाल वस्त्र धारण करें. लाल रंग संभव न हो तो काले और नीले रंग को छोड़कर कोई भी साफ-सुथरे वस्त्र पहनें.
एक साफ और साबुत पान का पत्ता या पीपल का पत्ता लें. उसे गंगाजल से शुद्ध करें. कटे-फटे पत्ते न लें.
एक साबुत सुपारी लें. यह भी कटी-फटी नहीं होनी चाहिए, साबुत होनी चाहिए. सुपारी को भी गंगाजल से शुद्ध करें.
थोड़ा सा सिंदूर लें और उसमें थोड़ा सा चमेली का तेल या सरसों का तेल मिलाकर एक लेप तैयार करें.
एक आम की कलम लें. उसकी नोक पर हल्का सा वही लेप लगाएं और अब सुपारी पर छोटे अक्षरों में लिखें “शुभ विवाह”, फिर अपने बच्चे का नाम, गोत्र और मां का नाम.
पान के पत्ते पर भी यही लिखें: “शुभ विवाह”, बच्चे का नाम, गोत्र और मां का नाम.
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अब पान के पत्ते पर वह सुपारी रखें, उसके ऊपर थोड़े से अक्षत (चावल) और हल्दी डालें.
फिर अपने घर के मंदिर में या किसी हनुमान जी के मंदिर में जाकर यह पान का पत्ता उनके चरणों में अर्पित करें. वहां शुद्ध घी का दीपक प्रज्वलित करें. इस दौरान संतान के जल्दी विवाह की कामना करें.
कम से कम 51 बार इस मंत्र का जाप करें“ॐ श्री जानकी रामाभ्यां नमः” इस मंत्र का जाप करते समय मन में अपने संतान के विवाह की कामना करें, नाम, गोत्र और जन्म की जानकारी सोचते रहें.
विशेष ध्यान रखें
यह उपाय शाम को प्रदोष काल में करें.
उपाय करते समय किसी से बातचीत न करें.
अगर आप घर पर कर रहे हैं, तो बाद में वह पत्ता पास के हनुमान मंदिर में जाकर अर्पित करें.
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सीता नवमी 2025 की तारीख और समय
नवमी तिथि शुरू: सुबह 7:35 बजे, 5 मई 2025
नवमी तिथि समाप्त: सुबह 8:38 बजे, 6 मई 2025
मध्यान्ह पूजा का शुभ मुहूर्त: सुबह 11:14 बजे से दोपहर 1:52 बजे तक
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