Last Updated:May 06, 2025, 08:12 ISTHanuman Puja Ke Niyam: मंगलवार का दिन संकटमोचन हनुमान जी की पूजा और व्रत के लिए निर्धारित है. मंगलवार के दिन या अन्य दिन भक्त हनुमान मंदिर में जाते हैं और बजरंगबली के चरण स्पर्श करके अशीर्वाद लेते हैं. लेकिन कह…और पढ़ेंमहिलाओं को हनुमान जी की मूर्ति छूनी चाहिए या नहीं.हाइलाइट्सजो हनुमान जी की पूजा करता है, उसके मनोरथ सिद्ध होते हैं.रामभद्राचार्य ने हनुमान जी की पूजा से जुड़ा महत्वपूर्ण नियम बताया.महिलाओं को हनुमान चालीसा पढ़नी चाहिए या नहीं.मंगलवार का दिन संकटमोचन हनुमान जी की पूजा और व्रत के लिए निर्धारित है. मंगलवार को व्रत रखकर वीर बजरंगबली की पूजा विधि विधान से की जाती है. यह व्रत महिला और पुरुष दोनों रखते हैं. हनुमान जी की पूजा और मंगलवार का व्रत रखने से जीवन के कष्ट मिटते हैं, दुखों का नाश होता है, संकट टल जाते हैं, हनुमान जी की कृपा से व्यक्ति को कठिन से कठिन कार्य में भी सफलता प्राप्त होती है. त्रेतायुग में प्रभु राम के संकटमोचन हनुमान जी थे, जिन्होंने कठिन से कठिन परिस्थिति में भी राम काज को पूर्ण किया. इस कलियुग में जो हनुमान जी की पूजा पूरी श्रद्धा और भक्ति से करता है, उसके सभी मनोरथ सिद्ध होते हैं. मंगलवार के दिन या अन्य दिन भक्त हनुमान मंदिर में जाते हैं और बजरंगबली के चरण स्पर्श करके अशीर्वाद लेते हैं. लेकिन कहा जाता है कि महिलाओं को हनुमान जी की मूर्ति को नहीं छूना चाहिए? महिलाओं का हनुमान जी की मूर्ति को छूना सही है गलत?
महिलाओं को हनुमान जी की मूर्ति क्यों नहीं छूनी चाहिए?तुलसी पीठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य ने राम कथा के बीच में हनुमान जी की पूजा से जुड़ा महत्वपूर्ण नियम बताया. उन्होंने बताया कि लोग मंदिरों में जाकर हनुमान जी की मूर्ति को स्पर्श करते हैं. रामभद्राचार्य ने बताया कि माताओं और बहनों को प्राण प्रतिष्ठित हनुमान जी मूर्ति को स्पर्श नहीं करना चाहिए. हनुमान जी की मूर्ति को छूने का हठ करना उचित नहीं है. कहा जाता है कि यदि कोई महिला हनुमान जी की मूर्ति को स्पर्श करती है तो हनुमान जी को 21 दिनों तक व्रत रखना पड़ता है. इसके बिना उनके लिए अनुकूलता नहीं आती है.
बाल ब्रह्मचारी हैं हनुमान जीआपको पता होना चाहिए कि हनुमान जी बाल ब्रह्मचारी हैं. उन्होंने अपने पूरे जीवन में बह्मचर्य के कड़े नियमों का पालन किया. हर महिला को माता का सम्मान देते हैं. इस वजह से कहा जाता है कि महिलाओं को हनुमान जी के शरीर को नहीं छूना चाहिए.
क्या महिलाओं को हनुमान चालीसा पढ़नी चाहिए या नहीं?हनुमान जी ब्रह्मचारी हैं तो कुछ लोगों का कहना है कि महिलाओं को हनुमान चालीसा नहीं पढ़नी चाहिए. अब इस बात से माताओं और बहनों में भ्रम की स्थिति रहती है कि मंगलवार व्रत में पूजा के समय हनुमान चालीसा पढ़ें या नहीं. इस पर रामभद्राचार्य का कहना है कि यह भ्रम फैलाया गया है, यह सही नहीं है. वे लोग झूठ बोलते हैं. महिलाएं भी हनुमान चालीसा का पाठ कर सकती हैं. इस पर कोई रोक नहीं है. सबको हनुमान चालीसा पढ़नी चाहिए.
रामभद्राचार्य कहते हैं कि हनुमान जी ने स्वयं माता अंजना के गर्भ से जन्म लिया है और वे भी तो महिला हैं. तो फिर महिलाएं हनुमान चालीसा का पाठ क्यों नहीं कर सकती हैं. मंगलवार को हनुमान जी की पूजा में व्रती को ब्रह्मचर्य के नियमों का पालन करते हुए पूजा पाठ करनी चाहिए अन्यथा व्रत सफल नहीं होगा. हनुमान जी की कृपा पाने के लिए प्रभु राम के नाम का स्मरण भी जरूरी है. इसके बिना तो हनुमान जी मिलेंगे ही नहीं.
homedharmमहिलाओं का हनुमान जी की मूर्ति को छूना सही है या गलत? जानें क्या है सच्चाई
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