रायपुर में विकसित की गई बैंगन की दो उन्नत किस्में, प्रति हेक्टेयर 70 से 80 टन की होगी उपज



06 रोगों में झुलसा और फफूंद से बचाने हेतु कार्बेन्डाजिम का उपयोग फायदेमंद होता है. जैसे बैंगन का भरता, बैंगन फ्राई, भरवां बैंगन, बैंगन आलू, बैंगन पकौड़ा और बैंगन का अचार, न केवल घरों में बल्कि रेस्तराओं और होटलों में भी विशेष मांग में हैं.



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