Last Updated:May 09, 2025, 13:26 ISTचांपा में स्थित मां सम्लेश्वरी मंदिर की स्थापना 1760 में जमींदार विश्वनाथ सिंह ने की थी. यह देवी चांपा की कुलदेवी मानी जाती हैं, जहां नवविवाहित जोड़े आशीर्वाद लेने आते हैं और नवरात्रि में विशेष धार्मिक आयोजन हो…और पढ़ेंX
चांपा की कुलदेवी समलेश्वरी माता मंदिर हाइलाइट्समां सम्लेश्वरी मंदिर की स्थापना 1760 में हुई थी.नवविवाहित जोड़े आशीर्वाद लेने आते हैं.नवरात्रि में विशेष धार्मिक आयोजन होते हैं.लखेश्वर यादव/जांजगीर चांपा- चांपा शहर में स्थित मां सम्लेश्वरी देवी का मंदिर जिले के जमींदार परिवार द्वारा स्थापित किया गया था और इसकी महिमा आज भी अपरंपार है. खासकर दांपत्य जीवन में प्रवेश करने से पहले हर जोड़ा यहां आकर नतमस्तक होता है और देवी से आशीर्वाद लेता है. यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि इसके इतिहास में भी एक रोचक कहानी छिपी हुई है.
मां सम्लेश्वरी मंदिर की स्थापना का ऐतिहासिक संदर्भमां सम्लेश्वरी मंदिर की स्थापना 1760 में हुई थी, जब तत्कालीन चांपा जमींदार विश्वनाथ सिंह ने मंदिर निर्माण एवं देवी प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा कराई थ. उस समय हसदेव नदी का पूर्वी भाग ओडिशा संबलपुर रियासत के अंतर्गत था, पश्चिमी भाग रतनपुर रियासत का क्षेत्र था. संबलपुर रियासत द्वारा रतनपुर पर आक्रमण करने के बाद, चांपा जमींदार परिवार ने रतनपुर नरेश का साथ दिया और युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
चांपा जमींदारी की स्थापना और मंदिर का महत्वयुद्ध के बाद, रतनपुर ने विजय प्राप्त की और जीते हुए हिस्से को चांपा जमींदार परिवार को दिया गया. इस विजय के बाद ही चांपा जमींदारी की स्थापना हुई, जिसे मदनपुर 84 के नाम से जाना जाता है. जमींदार परिवार ने अपनी राजधानी चांपा को बनाया और यहां महामाया मंदिर का निर्माण कराया. इसके साथ ही, ओडिशा संबलपुर से जीते हुए भू-भाग पर सम्लेश्वरी देवी का मंदिर भी स्थापित किया, जिसे अब चांपा की कुलदेवी माना जाता है.
नवरात्रि में विशेष धार्मिक आयोजनहर साल चैत्र और क्वांर नवरात्रि में यहां विशेष धार्मिक आयोजन होते हैं, जिनमें मनोकामना ज्योतिकलश प्रज्जवलित किया जाता है. यहां का जवारा विसर्जन एक अनूठे तरीके से किया जाता है, जिसमें भक्त लोट मारते हैं. यह एक बड़ा धार्मिक आयोजन बन चुका है, जिसे बड़ी संख्या में भक्तों द्वारा मनाया जाता है.
मां सम्लेश्वरी की महिमा और भक्तों की आस्थामां सम्लेश्वरी देवी को चांपा की कुलदेवी माना जाता है. देवी के दरबार में आने वाले सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं, यही कारण है कि इस मंदिर में श्रद्धालुओं का ताता हमेशा लगा रहता है. चांपा के इस ऐतिहासिक मंदिर की धार्मिक महिमा आज भी जीवित है, यह लोगों की आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है.
Location :Janjgir-Champa,Chhattisgarhhomechhattisgarhइस मंदिर में लोटते ही पूरी हो जाती है भक्तों की मुराद, 3 शताब्दी से मां सम्लेश
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