नई दिल्ली. स्टार बल्लेबाज विराट कोहली के बचपन के कोच राजकुमार शर्मा ने सोमवार को कहा कि उनके शिष्य ने अपने करियर के चरम पर टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहकर मिसाल कायम की है .कोहली ने सोमवार को खेल के पारंपरिक प्रारूप से संन्यास की घोषणा की जिसमें उन्होंने 123 टेस्ट मैचों में 30 शतकों की मदद से 46.85 की औसत से 9230 रन बनाए. वह अब सिर्फ एक दिवसीय क्रिकेट में खेलेंगे. उन्होंने पिछले साल ही टी20 अंतरराष्ट्रीय से संन्यास ले लिया था.शर्मा ने कहा कि ‘‘उन्होंने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहकर मिसाल कायम की है. हमने अक्सर देखा है कि हमारे क्रिकेटरों का संन्यास अच्छा नहीं होता, लेकिन हर कोई इस तरह संन्यास लेना चाहेगा. वह काफी क्रिकेट खेल सकता था, उसके अंदर अभी बहुत क्रिकेट बचा है. लेकिन विराट का ‘स्टाइल’ हमेशा ही ऐसा रहा है. उन्होंने कहा, ‘‘मैं उससे बात करूंगा, लेकिन यह उसका फैसला है. मैं उसके फैसले की सराहना करता हूं. भारतीय टीम में उसके योगदान और देश के लिए जो कुछ किया, उसके योगदान को सलाम करता हूं. कोहली को भारत का सबसे सफल टेस्ट कप्तान होने का गौरव प्राप्त है जिन्होंने टीम को 68 में से 40 मैच में जीत दिलाई.शर्मा ने कहा, ‘‘हर कोई जानता है कि जब वह कप्तान बने तो उन्होंने भारतीय टीम की पूरी संस्कृति को बदल दिया जिसमें शारीरिक फिटनेस से लेकर विदेशों में जीत की संस्कृति शामिल रही. यह बहुत बड़ा योगदान है. उसका करियर शानदार रहा. मुझे उस पर गर्व है.