Last Updated:May 13, 2025, 13:04 ISTBudhwa Mangal 2025: हनुमानजी को प्रसन्न करने के लिए बूंदी या बूंदी के लड्डू का प्रसाद अर्पित किया जाता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर हनुमानजी को बूंदी का प्रसाद ही क्यों अर्पित किया जाता है और बूंदी क…और पढ़ेंहनुमानजी को बूंदी का भोगहाइलाइट्सहनुमानजी को बूंदी का प्रसाद चढ़ाने से कष्ट दूर होते हैं.बूंदी का संबंध मंगल और शनि ग्रह से है.बड़े मंगल पर हनुमानजी को बूंदी का भोग लगाना शुभ माना जाता है.ज्येष्ठ मास में इस बार 5 बड़े मंगल पड़ने वाले हैं, जिससे हनुमानजी के भक्त काफी प्रसन्न हैं. हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार, ज्येष्ठ मास में माता जानकी की खोज में भटक रहे प्रभु श्रीराम की और पवनपुत्र हनुमानजी की पहली बार मुलाकात हुई थी इसलिए ज्येष्ठ मास के सभी मंगल का विशेष महत्व है और इन मंगलवार को बड़े मंगल या बुढ़वा मंगल के नाम से जाना जाता है. बड़े मंगल के पहले दिन हनुमानजी का बूंदी या बूंदी के लड्डू का भोग लगाने का विधान है. मान्यता है कि हनुमानजी को बूंदी का प्रसाद अर्पित करने से सभी दुख व कष्ट दूर होंगे और कुंडली में मंगल व शनि ग्रह की स्थिति भी मजबूत होती है. आइए जानते हैं हनुमानजी को क्यों चढ़ाया जाता है बूंदी का प्रसाद…
इसलिए बूंदी का लगाया जाता है भोगज्येष्ठ मास के बड़े मंगल के साथ ही अन्य मंगलवार को भक्त हनुमानजी को बूंदी या बूंदी के लड्डू का भोग लगाते हैं. ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि हनुमानजी को दूध से बनी चीजों का भोग नहीं लगाया जाता है. वैदिक ज्योतिष के अनुसार, दूध का संबंध मन व माता के कारक ग्रह चंद्रमा से है और मंगलवार का संबंध साहस और पराक्रम के कारक ग्रह मंगल से है. चंद्रमा शांत ग्रह है और मंगल उग्र ग्रह है इसलिए दोनों एक दूसरे के विराधी हैं. इसलिए मंगलवार के दिन हनुमानजी को बूंदी या बूंदी के लड्डू का भोग लगाया जाता है.
शनि और मंगल ग्रह से है संबंधबूंदी बेसन से बनती है, जिसका संबंध मंगल ग्रह से है. वहीं बूंदी को बनाते समय उसको तेल में तला जाता है और ज्योतिष के अनुसार, कोई भी चीज जब तेल में तली जाती है, तब उससे संबंधित ग्रह की स्थिति नीच हो जाती है और शनि भारी हो जाता है क्योंकि तेल का संबंध शनि से है. उसी तरह जब बेसन से बनी बूंदी को तेल में तला जाता है, तब मंगल नीच अवस्था में आ जाते हैं और शनि ग्रह की स्थिति मजबूत हो जाती है. मान्यता है कि हनुमानजी को बूंदी या बूंदी के लड्डू का भोग लगाने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और हनुमानजी का आशीर्वाद भी मिलता है.
इन चीजों का भी लगा सकते हैं भोगबूंदी के अलावा आप हनुमानजी को बेसन के लड्डू, मालपुआ, इमरती आदि का भोग भी लगाया जाता है. हनुमानजी की पूजा करने से सभी ग्रह-नक्षत्र शुभ फल देते हैं और जीवन के सभी कष्टों से भी मुक्ति मिलती है. ज्येष्ठ मास के सभी मंगलवार का व्रत करने से जीवन में चल रही परेशानियों से मुक्ति मिलती है और आपकी सभी मनोकामनाएं हनुमानजी की कृपा से पूरी भी होती है.
पारण करते समय ध्यान रखें यह बातज्येष्ठ मास में इस बार 5 मंगलवार पड़ रहे हैं इसलिए अगर आप सभी बड़े मंगल का व्रत करने वाले हैं तो कुछ चीजों का आपको ध्यान रखने की आवश्यकता है. बड़े मंगल के व्रत का पारण करते समय नमक का प्रयोग नहीं करना चाहिए. रात में व्रत का तोड़ते समय दूध और दही के साथ पराठे खाना चाहिए. साथ ही इस दिन लाल रंग के कपड़े पहनने चाहिए और भूलकर भी काले रंग के कपड़े पहनने से बचना चाहिए.
Parag Sharmaमैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प…और पढ़ेंमैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प… और पढ़ेंhomedharmहनुमानजी को क्यों चढ़ाई जाती है बूंदी, कहीं प्रसाद में तो नहीं करते यह गलती
Source link