Vidur Niti In Hindi 6 rules for success and growth as per mahatma vidur : जीवन में करना चाहते हैं उन्नति तो करें इन 6 चीजों का त्याग, महात्मा विदुर की ये बातें हैं बड़े काम की



महाभारत के युद्ध की घोषणा हो गई तो धृतराष्ट्र ने संजय से रणभूमि के परिदृश्यों के बारे में पूछा. उनकी बातों को सुनकर जब धृतराष्ट्र का मन विचलित हो गया तो उन्होंने महात्मा विदुर को बुलाने का आदेश दिया, ताकि उनके सुंदर वचनों को सुनकर अपने हित को वो समझ पाए. जब विदुर धृतराष्ट्र के पास आए तो उन्होंने कई बातें बताई, जो इस​ ​कलियुग में सभी लोगों को जाननी चाहिए. यदि आप जीवन में उन्नति करना चाहते हैं तो महात्मा विदुर की नीति को समझें.

छोड़ दें ये 6 चीजें, जीवन में करेंगे उन्नति

महात्मा विदुर ने धृतराष्ट्र से कहा कि जो व्यक्ति अपने जीवन में उन्नति करना चाहता है या ऐश्वर्य की प्राप्ति करना चाहता है, उसे 6 प्रकार के दुर्गुणों का त्याग अवश्य ही कर देना चाहिए.

1. नींद: जिस व्यक्ति को उन्नति करना है, उसे अपनी नींद का त्याग करना होगा. वह अधिक देर तक सोता रहेगा, तो उसे लक्ष्य प्राप्त नहीं होगा. कहा जाता है कि जो सोता है, वो खोता है, जो जागता है, वो पाता है.

2. तंद्रा या ऊंघना: दिन भर आप तंद्रा में रहते हैं यानि ऊंघते रहते हैं तो यह भी अच्छी बात नहीं है. यह आपके लक्ष्य के प्रति एकाग्रता के बाधा है. पता चले​ कि मौका आपके पास आए और आप ऊंघते हुए समय गंवा दें.

3. डर: यदि आपके मन में किसी भी प्रकार का डर, असमंजस, आत्मविश्वास की कमी आदि है तो आप आगे नहीं बढ़ सकते हैं. आप हमेशा अपने ही बनाए अनुकूल वातावरण में रहना चाहेंगे. यदि आप अपने कंफर्ट जोन को ब्रेक नहीं करते हैं तो आपकी उन्नति संभव नहीं है. हार या असफलता का डर व्यक्ति की उन्नति में बाधक है.

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4. क्रोध: कहते हैं कि क्रोध मति को भ्रष्ट कर देता है. जो व्यक्ति अकारण ही क्रोध करता है, वो सही निर्णय नहीं ले पाता है और रिश्तों को खराब कर लेता है. क्रोध आपके काम करने के माहौल को खराब करता है, तनावपूर्ण स्थिति आपकी सेहत के लिए ठीक नहीं है.

5. आलस्य: जो लोग काम करने में आलस्य दिखाते हैं, आज के काम को कल पर टाल देते हैं, टालमटोल की आदत की वजह से वो व्यक्ति आगे नहीं बढ़ पाते हैं, सुनहरे अवसर उसके हाथ से निकल जाते हैं. आलस्य असफलता का कारण है.

6. दीर्घ सूत्रता: दीर्घ सूत्रता का मतलब यह है कि जो काम 1 घंटे में हो जाना चाहिए, वो काम करने में उससे अधिक समय लगाते हैं, तो ऐसी आदत भी सफलता और तरक्की में बाधक है.

आज के समय में भी आप यदि महात्मा विदुर की इस नीति का पालन करते हैं तो आपको सफल होने से कोई रोक नहीं सकता है. ये 6 बातें आपकी सफलता के लिए उपयोगी हो सकती हैं. यदि आपमें कोई ऐसी बुराई है तो जल्द से जल्द उसे दूर कर लें.

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कौन थे महात्मा विदुर

द्वापर युग में महात्मा विदुर महर्षि वेद व्यास जी के पुत्र थे. उनका जन्म एक दासी से हुआ था, इसलिए उनको दासी पुत्र कहा जाता है. उनको यम का अवतार मानते थे. वे धृतराष्ट्र के मंत्री, ज्ञानी और धर्म के ज्ञाता थे. उनको शास्त्र, वेद और राजनीति अच्छी समझ थी. वे धृतराष्ट्र को सुझाव देते थे. उन्होंने समय समय पर कौरवों की षड्यंत्रों से पांडवों की रक्षा की. उनके विचारों को विदुर नीति के नाम से जानते हैं.



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