चौकीदार से चपरासी तक सब बनेंगे लड़ईया, जंग-ए-मैदान में धूल चाटेगा दुश्मन, छत्तीसगढ़ में बन गया प्लान



Last Updated:May 14, 2025, 14:46 ISTRaipur News: पाकिस्तान के खिलाफ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद सीमा पर तनाव बढ़ गया था, जिसके बाद अब छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा फैसला लिया. अब यहां सिविल डिफेंस डिट्रिक्ट बनाई जा रही हैं.छत्तीसगढ़ में सिविल डिफेंस डिस्ट्रिक्ट बनाई जाएंगी. (तस्वीरः सांकेतिक)
हाइलाइट्सछत्तीसगढ़ में सिविल डिफेंस नेटवर्क बनेगा.9 शहरों में 2,700 लोगों को ट्रेनिंग दी जाएगी.हर साल दोहराई जाएगी सुरक्षा ट्रेनिंग.रायपुर: पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर के बाद प्रदेश में सुरक्षा का लेकर छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने बड़ा फैसला लिया. यहां चौकीदार से चपरासी तक सब सुरक्षा की ट्रेनिंग लेंगे. सुरक्षा जागरुकता के मद्देनजर प्रदेश के 9 शहरों में सिविल डिफेंस नेटवर्क तैयार किया जाएगा. इसके लिए शहर के ही आम लोगों को ट्रेनिंग दी जाएगी. दुर्ग-भिलाई में इसकी शुरुआत की जाएगी. साथ ही रायपुर, कोरबा, रायगढ़, बिलासपुर, जगदलपुर, अंबिकापुर, जांजगीर-चांपा, धमतरी और दंतेवाड़ा में भी सिस्टम तैयार किया जाएगा.

द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने कहा कि राज्य में रक्षा तैयारियों के लिए नौ शहरों को ‘सिविल डिफेंस डिस्ट्रिक्ट’ बनाने का फैसला लिया गया. इन जिलों में कुल 2,700 लोगों को ट्रेनिंग दी जाएगी. जिसमें प्रत्येक जिले में 300 स्वयंसेवक होंगे. जिन्ह दो दिन की ट्रेनिंग दी जाएगी. जिसमें उन्हें आपातकाल या युद्ध जैसी स्थितियों से निपटने के लिए तैयार किया जाएगा. साथ ही यह ट्रेनिंग हर साल दोहराई जाएगी.

डीजीपी ने लिया फैसला

बता दें कि, शुरुआत में, नागरिक सुरक्षा अभियान भिलाई तक ही सीमित था, लेकिन बाद में पूरे दुर्ग जिले को शामिल किया गया. यह फैसला रविवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) मनोज पिंगुआ की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान किया गया. जिसमें डीजीपी अरुणदेव गौतम और होम गार्ड और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए.

कई वॉलेंटियर्स लेंगे ट्रेनिंग

वॉलेंटियर मॉक ड्रिल और वार्षिक समीक्षा में भाग लेंगे, जिला कलेक्टर भर्ती और तैयारियों की गतिविधियों की देखरेख करेंगे. इसके अलावा, केंद्र ने छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों को चेतावनी सायरन लगाने का निर्देश दिया. प्रत्येक जिले को 4 से 5 यूनिट मिलेंगी. इनका प्रबंधन एसडीआरएफ और तीव्र आपातकालीन संचार के लिए किया जाएगा. राज्य ने पहले रायपुर, कोरबा, राजनांदगांव और सुकमा को 1,200 ‘आपदा मित्रों’ (वॉलेंटियर्स) को ट्रेनिंग के लिए पायलट जिलों के रूप में नामित किया था.
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