K9 Rolo… जिसने खूंखार नक्‍सलियों से जवानों को हर कदम बचाया, मधुमक्खियों ने ले ली उसकी जान? | K9 Rolo CRPF Sniffer Dog bees attacked and killed anti Naxal Operation operation black forest



Last Updated:May 16, 2025, 11:40 ISTOperation Black Forest : रोलो को पैदल सेना की गश्त और विस्फोटकों का पता लगाने की ट्रेनिंग दी गई थी. हाइलाइट्सऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट में K9 रोलो की मौत मधुमक्खियों के हमले से हुई.रोलो को मरणोपरांत महानिदेशक प्रशस्ति पत्र मिलेगा.रोलो ने माओवाद विरोधी अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.नई दिल्ली/रायपुर : ऑपरेशन ब्‍लैक फॉरेस्‍ट ने नक्‍सलियों की कमर तोड़ दी है. तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के बीच फैली केरागुट्टालू पहाड़ियों में 21 दिनों तक चले माओवाद विरोधी अभियान में बड़ी संख्‍या में नक्सलियों के पैर जमीन से उखाड़ दिए हैं. इसमें बड़ी संख्‍या में नक्‍सल काडर मारा गया है, जिनमें उसके कई बड़े नेता भी शामिल हैं. हालांकि इसमें सुरक्षाबलों को भी नुकसान पहुंचा है. सीआरपीएफ के एक दो वर्षीय बेल्जियन शेफर्ड मालिनोइस रोलो की इस ऑपरेशन में मौत हो गई. हालांकि उसकी मौत की वजह नक्‍सली नहीं, मधुमक्खियों का झुंड रहा.

दरअसल, 27 अप्रैल को मधुमक्खियों के झुंड ने रोलो पर पर हमला कर दिया था. यह एक माता खोजी डॉग थी. मादा खोजी कुत्ते को मरणोपरांत महानिदेशक (डीजी) प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा. छत्तीसगढ़ में पुलिस और सीआरपीएफ अधिकारियों ने बल के के9 दस्ते के इस कुत्ते का औपचारिक अंतिम संस्कार किया.

माओवादियों ने कई जगहों पर 450 से अधिक आईईडी लगाए

डीआईजी एम दिनाकरन ने बताया कि “हमारे के9 दस्ते के सदस्य सड़क की सफाई अभियान का हिस्सा हैं और घात लगाकर हमला करने वालों का पता लगाने में मदद करते हैं. तीन हफ्ते तक चले इस अभियान में माओवादियों ने कई जगहों पर 450 से अधिक आईईडी लगाए, ताकि सुरक्षा बल उन पहाड़ियों की चोटियों तक न पहुंच सकें, जहां वे छिपे हुए थे… रोलो के साथ जो हुआ, वह दुर्भाग्यपूर्ण है. हमारे संचालकों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की.” रोलो के डॉग हैंडलर बुरान शुभम अब उनकी ओर से पुरस्कार ग्रहण करेंगे.

उनके अनुसार, सीआरपीएफ और छत्तीसगढ़ पुलिस इकाइयों के नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने 11 मई को खत्‍म हुए ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट में सशस्त्र कैडरों को “घातक झटका” देते हुए 31 माओवादियों को मार गिराया था. अभियान के दौरान बलों को 250 से अधिक गुफाएं मिलीं, जिनका उपयोग माओवादी हथियार बनाने और गोला-बारूद, माओवादी साहित्य और अन्य चीजों के अलावा चिकित्सा आपूर्ति के भंडारण के लिए कर रहे थे. इनमें से बलों ने चार गुफाओं का भंडाफोड़ किया, जहां हथियार कारखाने चलाए जा रहे थे.

रोलो को क्‍या ट्रेनिंग मिली?

रोलो को पैदल सेना की गश्त और विस्फोटकों का पता लगाने की ट्रेनिंग दी गई थी. इसके बाद उसे पिछले साल अप्रैल में माओवाद विरोधी ड्यूटी के लिए तैनात किया गया था. ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट के दौरान रोलो ने एक सप्ताह तक पहाड़ियों में टीमों का सुरक्षित रास्‍ता दिखाया. यह दुर्घटना 27 अप्रैल को बेस पर लौटते समय हुई.

सीआरपीएफ के अनुसार, के9 रोलो का जन्म 5 अप्रैल 2023 को डीबीटीएस में हुआ था और इसे बैच क्रमांक 80 में डीबीटीएस में इन्फैंट्री पेट्रोलिंग, विस्फोटक का पता लगाने और आक्रमण की ट्रेनिंग दी गई थी. इसके बाद इसे अप्रैल 2024 के महीने में 228 बीएन, सीआरपीएफ में नक्सल विरोधी अभियानों के लिए तैनात किया गया था.

केजीएच में विशेष अभियान के दौरान के9 अन्य सैनिकों के साथ एक गहन तलाशी अभियान चला रहे थे. इसी दौरान मधुमक्खियों के एक विशाल झुंड ने उन पर अचानक हमला कर दिया. के9 रोलो के संचालकों ने मधुमक्खियों से काटने से बचने के लिए इसे एक पॉलीथीन शीट से ढक दिया, लेकिन उससे वह बच ना पाई. क्योंकि मधुमक्खियों का विशाल झुंड कवर के अंदर आ गया और के9 रोलो को काट लिया. तेज दर्द और जलन के चलते उसे आपातकालीन उपचार दिया गया. हालांकि K9 ने रास्ते में ही दर्द और पीड़ा के कारण दम तोड़ दिया.
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