Virat Kohli Connection with Number 3: 12 मई 2025 को विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया. यह केवल क्रिकेट से विदाई नहीं थी, बल्कि उनके जीवन के एक गहरे आध्यात्मिक पड़ाव की शुरुआत भी थी. हैरानी की बात यह है कि उनके करियर के अधिकांश अहम पड़ाव अंक 3 से जुड़े हैं- जैसे उनका टी-20 डेब्यू हरारे स्पोर्ट्स क्लब में 12 जून 2010 को जिम्बाब्वे के खिलाफ हुआ था. उन्होंने इस मैच में नाबाद रहते हुए 21 गेंदों (2+1=3) पर 26 रन बनाए और ‘तीन’ चौके मारे. उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट 3 जनवरी 2025 को खेला और संन्यास 12 मई 2025 को लिया. ये सभी तारीखें जोड़ने पर 3 बनती हैं. अंक 3 का संबंध विस्तार, रचनात्मकता और विकास से है. न्यूमरोलॉजी के अनुसार, अंक 3 गुरु बृहस्पति से जुड़ा है. इस बारे में बता रहे हैं भोपाल स्थित न्यूमेरोलॉजिस्ट रवि पाराशर.
मूलांक, भाग्यांक और नामांक हैं बेहद खासविराट कोहली की जन्मतिथि 5 नवंबर 1988 है, जिससे उनका भाग्यांक 6 और नामांक 7 बनता है. ये नंबर बहुत ही विशेष और प्रभावशाली होते हैं. यह दर्शाता है कि वे सिर्फ खिलाड़ी नहीं, बल्कि प्रेरणा देने वाले मार्गदर्शक भी हैं, जो समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए जन्मे हैं.
नए रूप में उभरते कोहलीमूलांक के साथ-साथ भाग्यांक का व्यक्ति के जीवन पर गहरा प्रभाव होता है. शुक्र ग्रह का असर उन्हें सहनशील, संतुलित और भावनाओं को समझने वाला बनाता है. विराट का भाग्यांक 6 है, जो उन्हें एक प्राकृतिक शिक्षक बनाता है. ये दूसरों की मदद करने, उन्हें दिशा दिखाने और जीवन के मूल्य सिखाने में सक्षम होते हैं. वे रचनात्मक तरीकों से जटिल चीजें भी सरलता से समझाने में माहिर हैं.
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विराट अब एक ऐसे मोड़ पर हैं जहां उनका ध्यान ज्ञान, मार्गदर्शन और समाज सेवा की ओर बढ़ सकता है. साथ ही, वह एक बेहतर कोच की भूमिका भी निभा सकते हैं, जो टीम इंडिया के लिए अमूल्य हो सकती है. गुरु या मोटिवेटर के रूप में विराट को देखना अब दूर की बात नहीं. उनका नामांक 7 है, जो केतु का अंक है- इससे उनके भीतर आध्यात्मिकता की ओर झुकाव और भी बढ़ेगा.
नई भूमिका में नज़र आ सकते हैं विराट2025 से 2030 तक की ग्रह चालें बताती हैं कि विराट अब एक बहुआयामी शख्सियत में परिवर्तित हो सकते हैं-क्रिकेटर से लीडर, बिज़नेसमैन और स्पिरिचुअल आइकन तक. 2025 में शनि की चाल उन्हें अनुशासन, ध्यान और उद्देश्य से जोड़ने वाली होगी, जबकि मई 2025 में राहु की स्थिति उन्हें एक नए अध्याय की ओर ले जाएगी.
उनकी जन्मकुंडली में एक विशेष संयोग- यूरेनस, नेपच्यून और शनि का धनु राशि में होना- दिखाता है कि वे ज्ञान, धर्म और वैश्विक सोच से जुड़े व्यक्ति हैं. यह योग बताता है कि वे भविष्य में ध्यान, मानसिक शक्ति और आत्मिक विकास से जुड़ी तकनीक या संस्थाएं शुरू कर सकते हैं-जैसे डिजिटल गाइडेंस प्रोग्राम, मेंटल फिटनेस ट्रेनिंग या AI आधारित वेलनेस ऐप्स.
नई दिशा की ओर2026 और 2028 में आने वाले ग्रह संकेत देते हैं कि विराट स्वास्थ्य और ध्यान से जुड़ी संस्थाएं शुरू कर सकते हैं-जैसे ध्यान केंद्र, होलिस्टिक फिटनेस अकैडमी, या न्यूट्रिशन ब्रांड्स. वे केवल ब्रांड एंबेसडर नहीं रहेंगे, बल्कि अपने खुद के ब्रांड लॉन्च कर सकते हैं, जो लोगों के जीवन में सार्थक बदलाव लाएंगे.
एक नई शुरुआतविराट कोहली की अगली पारी सिर्फ क्रिकेट से संन्यास नहीं, बल्कि आत्मा से जुड़ी एक नई और गहरी यात्रा की शुरुआत है. अब वे रन नहीं, बल्कि ज्ञान, प्रेरणा और नेतृत्व से नई पीढ़ी को दिशा देंगे. और यह सब होगा अंक 3 की दिव्य ऊर्जा और उनके भीतर छिपे “मास्टर टीचर” की शक्ति से प्रेरित होकर.
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विराट का 3 से खास कनेक्शन?विराट कोहली का अंक 3 से जुड़ाव केवल तारीखों या संयोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनके व्यक्तित्व, नेतृत्वशैली और जीवन के उद्देश्य में भी स्पष्ट दिखाई देता है. अंक 3 उन्हें रचनात्मक सोच, प्रेरणादायक संवाद और व्यापक दृष्टिकोण प्रदान करता है. यही कारण है कि वे न केवल खेल के मैदान में बल्कि उससे बाहर भी लोगों को अपनी ऊर्जा, अनुशासन और समर्पण से प्रेरित करने वाले व्यक्तित्व के रूप में पहचाने जाते हैं.