वट सावित्री व्रत हर साल ज्येष्ठ अमावस्या को रखा जाता है. इस साल वट सावित्री व्रत 26 मई दिन सोमवार को है. इस व्रत में महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए उपवास रखती हैं और देवी सावित्री, वट वृक्ष की पूजा करती हैं. व्रत रखने वाली महिलाओं को कई प्रकार के नियमों का पालन करना होता है. उसमें क्या खाना है और क्या नहीं खाना है, इसका ध्यान रखते हैं. यदि वट सावित्री व्रत के नियमों का पालन नहीं करते हैं तो व्रत का पूरा फल नहीं मिलता है. आइए जानते हैं कि वट सावित्री व्रत में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए.
वट सावित्री व्रत में क्या खाएं?
1. जिसे व्रत रखना है, उसे व्रत से एक दिन पहले से सात्विक भोजन करना चाहिए. इसमें आपको साफ सफाई का विशेष ध्यान रखना होगा.
2. व्रती महिलाएं साबुदाना खिचड़ी, कुट्टू की रोटी, समा के चावल यानि व्रत के चावल, राजगिरा की खीर आदि खा सकती हैं.
3. इसके अलावा आप उस दिन फल में केला, सेब, आम आदि मौसमी फल ले सकती हैं. फिर दूध, दही, लस्सी, बादाम, काजू, किशमिश भी खा सकती हैं.
4. आप चाहें तो व्रत के दिन शरबत पी सकती हैं. गर्मी का मौसम है तो प्यास लगेगी, ऐसे में आप पानी वाले फल जैसे खीरा, तरबूज, नारियल पानी भी ले सकती हैं. पर्याप्त पानी या छाछ पीना चाहिए, इससे शरीर में ऊर्जा बनी रहेगी.
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5. व्रत के दिन घर पर दूध से बनी शुद्ध मिठाई भी खा सकती हैं.
6. वट वृक्ष की पूजा के बाद प्रसाद, गुड़ आदि भी खा सकते हैं.
वट सावित्री व्रत में क्या न खाएं?
1. वट सावित्री व्रत में महिलाओं को एक दिन पहले और व्रत के दिन मांस, अंडा, मछली आदि का सेवन नहीं करना चाहिए.
2. उस दिन लहसुन, प्याज, शराब, पान, गुटखा, सिगरेट आदि जैसी तामसिक वस्तुओं का सेवन नहीं करना चाहिए.
3. व्रत के दिन किसी भी तरह का अनाज न खाएं. यदि अन्न का सेवन करती हैं तो व्रत टूट जाएगा.
4. कई क्षेत्रों में इस व्रत में नमक का सेवन वर्जित होता है.
5. इस व्रत में बासी भोजन और बाहर का तला-भुना खाना मना होता है. इससे पेट खराब होने का डर है.
6. इस व्रत में व्रती को तले हुए स्नैक्स, मसालेदार भोजन या जंक फूड से परहेज करना चाहिए.
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वट सावित्री व्रत में इन बातों का रखें ध्यान
1. कुछ महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं, जिसमें पूरे दिन कुछ भी नहीं खाया-पिया जाता है. अगर आप निर्जला व्रत रख रही हैं, तो व्रत के प्रारंभ से पहले अच्छे पानी और अन्य तरल प्रदार्थ ग्रहण कर लें.
2. धूप में बाहर न जाएं और न ही कोई भारी काम करें. इससे शरीर थक सकता है और कमजोरी हो सकती है. इससे आप बीमार पड़ सकती हैं.
3. यदि आपको कोई स्वास्थ्य समस्या जैसे डायबिटीज, कमजोरी आदि है, तो व्रत के कठिन नियमों को मानने की बाध्यता नहीं है. मन, कर्म और वचन की शुद्धता के साथ व्रत करें.