Vastu tips for home temple Vastu Dosha mandir । वास्तु टिप्स घर के मंदिर के लिए



Vastu Tips: हर घर में एक कोना ऐसा जरूर होता है जो सबसे शांत, सबसे पवित्र और ऊर्जावान होता है वो है घर का मंदिर. यह स्थान केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह घर की आध्यात्मिक ऊर्जा और आस्था का भी केंद्र होता है. मंदिर में बैठकर ध्यान लगाना, भगवान से संवाद करना और सकारात्मकता महसूस करना, हमारे मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को भी सशक्त करता है. लेकिन कई बार जाने-अनजाने में हम मंदिर में कुछ ऐसी चीजें रख देते हैं, जो वहां की पवित्रता को नकारात्मक रूप से प्रभावित करती हैं, जिससे पूजा का असर कम हो जाता है. वास्तु शास्त्र के मुताबिक, मंदिर में कुछ विशेष चीजों का होना शुभ नहीं माना गया है. ये चीजें न केवल पूजा के प्रभाव को कम करती हैं, बल्कि घर में तनाव, बाधाएं और आर्थिक हानि का कारण भी बन सकती हैं.

आइए जानते हैं ऐसी 5 चीजों के बारे में जिन्हें मंदिर में नहीं रखना चाहिए. इस बारे में बता रहे हैं ज्योतिष एवं वास्तु शास्त्री अंशुल त्रिपाठी.

धारदार चीजेंमंदिर में किसी भी तरह की नुकीली या धारदार वस्तुएं जैसे चाकू, कैंची, पिन आदि नहीं रखनी चाहिए. ये चीजें नकारात्मक ऊर्जा फैलाती हैं और पूजा स्थल की पवित्रता को भंग करती हैं. इससे मन अशांत होता है और घर के वातावरण में तनाव पैदा होता है.

एक से ज्यादा शंखशंख को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है और पूजा के समय इसे बजाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. लेकिन मंदिर में एक से अधिक शंख रखना वर्जित माना गया है. यह धन हानि का कारण बन सकता है और मां लक्ष्मी की कृपा में रुकावट आ सकती है.

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फटी या पुरानी धार्मिक किताबरामायण, गीता, हनुमान चालीसा जैसी धार्मिक पुस्तकें मंदिर में रखी जाती हैं, लेकिन ये साफ-सुथरी और पूर्ण होनी चाहिए. कटी-फटी या फटी हुई किताबें मंदिर में रखने से वहां की ऊर्जा प्रभावित होती है. ऐसी स्थिति में देवी-देवताओं का आशीर्वाद मिलना कठिन हो जाता है.

गंदे या पुराने कपड़ेमंदिर की जगह बेहद स्वच्छ और पवित्र होनी चाहिए. वहां कभी भी गंदे या पसीने से भीगे हुए कपड़े नहीं रखने चाहिए. ऐसे कपड़े पूजा की पवित्रता को भंग करते हैं और वहां देवी-देवताओं का वास नहीं होता. पूजा के समय पहने जाने वाले वस्त्र भी विशेष और स्वच्छ होने चाहिए.

चमड़े की वस्तुएंचमड़ा मृत जानवर से प्राप्त होता है, इसलिए यह अशुद्ध माना जाता है. मंदिर में चमड़े से बनी कोई भी वस्तु, जैसे बेल्ट, पर्स, जूते या चप्पल नहीं रखनी चाहिए. इससे पूजा का स्थान दूषित हो जाता है और इसके परिणाम नकारात्मक हो सकते हैं. साथ ही इससे अच्छे फल की प्राप्ति में बाधा आती है.

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