Last Updated:May 19, 2025, 12:03 ISTRaipur News: रायपुर से 20 किमी दूर स्थित ठकुराइन टोला शिव मंदिर, खारून और एक छोटी नदी के संगम पर बना है. यह मंदिर निषाद समाज के ऐतिहासिक योगदान से वर्ष 1941 में शुरू हुआ और 1984 में पूर्ण हुआ.X
संगम तट पर स्थित अद्भुत शिव मंदिरहाइलाइट्समंदिर की नींव 1941 में रखी गई थीमहाशिवरात्रि पर मंदिर में भव्य मेला लगता हैलक्ष्मण झूला निर्माण से मंदिर और आकर्षक बनेगारायपुर. छत्तीसगढ़ के खारून नदी और एक छोटी नदी के संगम पर स्थित ठकुराइन टोला का शिव मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बन चुका है, बल्कि अब यह छत्तीसगढ़ के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में अपनी जगह बनाने की ओर आगे बढ़ रहा है. प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण यह स्थल निषाद समाज की ऐतिहासिक पहल और सामूहिक प्रयास का प्रतीक है.
1941 में शुरू हुआ निर्माणमंदिर की नींव वर्ष 1941 में तब रखी गई, जब निषाद समाज के एक मुखिया ने राजिम के कुलेश्वर महादेव मंदिर से प्रेरणा लेकर खारून नदी के संगम पर भी एक भव्य शिव मंदिर निर्माण का संकल्प लिया. समाज के सहयोग से वर्षों चले कठिन परिश्रम के बाद यह सपना साकार हुआ.
पत्थरों से लेकर शिवलिंग तक की निर्माण यात्रा मिली जानकारी के अनुसार, मंदिर निर्माण की प्रक्रिया बेहद चुनौतीपूर्ण रही. नदी के बीच से पत्थरों को निकालकर, उन्हें आकार देना एक कठिन कार्य था, जिसे कुशल शिल्पकारों ने वर्षों की मेहनत से पूरा किया. लगभग 1980 तक जगती निर्माण पूर्ण हुआ और 1984 में मंदिर का निर्माण कार्य सम्पन्न हुआ. खास बात यह है कि गर्भगृह उत्तराभिमुख है, जबकि जल प्राणालिका दक्षिण दिशा में स्थित है. धमतरी के पास के एक गांव के शिल्पकार हरि राम द्वारा निर्मित शिवलिंग यहां स्थापित है.
हर वर्ष शिवरात्रि पर लगता भव्य मेलायह मंदिर विशेष रूप से महाशिवरात्रि के मौके पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को आकर्षित करता है. संगम पर स्नान कर भक्तगण शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं और पुण्य लाभ प्राप्त करते हैं. मेले के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों के साथ ही सांस्कृतिक गतिविधियां भी आयोजित होती हैं, जो स्थानीय परंपराओं को जीवंत बनाए रखती हैं.
निर्माणाधीन लक्ष्मण झूला बनेगा नया आकर्षणवर्तमान में मंदिर परिसर में एक लक्ष्मण झूले का निर्माण जारी है, जिससे नदी पार कर मंदिर तक पहुंचना सुविधाजनक और रोमांचक बन जाएगा. इसके पूर्ण होने पर यह स्थान पर्यटकों के लिए भी और अधिक आकर्षक बन जाएगा.
कैसे पहुंचें ठकुराइन टोला शिव मंदिर?यह मंदिर रायपुर से लगभग 18-20 किलोमीटर की दूरी पर, भांठागांव, दतरेंगा और परसदा होते हुए खट्टी ग्राम के पास स्थित है. खट्टी से खारून नदी तक एक सीसी रोड पहुंच मार्ग है. नदी पर बने पुल को पार करते ही संगम पर स्थित यह दिव्य मंदिर दिखाई देता है. अब यह स्थान केवल आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर भी उभर रहा है. प्रकृति, श्रद्धा और संस्कृति के अद्भुत संगम के रूप में विकसित हो रहा यह मंदिर स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति प्रदान कर रहा है.
Anuj SinghAnuj Singh serves as a Content Producer for Local 18 at News18, bringing over one years of expertise in digital journalism. His writing focuses on hyperlocal issues, Political, crime, Astrology.He has worked as…और पढ़ेंAnuj Singh serves as a Content Producer for Local 18 at News18, bringing over one years of expertise in digital journalism. His writing focuses on hyperlocal issues, Political, crime, Astrology.He has worked as… और पढ़ेंभारत पाकिस्तान की ताज़ा खबरें News18 India पर देखेंLocation :Raipur,Chhattisgarhhomechhattisgarhछत्तीसगढ़ का ये शिव मंदिर बन रहा है नया पर्यटन हॉटस्पॉट, जानिए इसका इतिहास
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