जंगल के इन पत्तों से बरस रहा पैसा, छत्तीसगढ़ के ग्रामीणों की चमकी किस्मत, हो रहे मालामाल



Last Updated:May 19, 2025, 09:54 ISTEarning from tendu leaves: छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले के लवन क्षेत्र का आवाराई गांव आज ग्रामीण आत्मनिर्भरता की मिसाल बन चुका है. यहां के ग्रामीणों ने जंगलों में पाई जाने वाली एक खास वन उपज, तेंदूपत्ता, को अप…और पढ़ें आवाराई गांव के रहने वाले सुरितराम हर सुबह अपनी पत्नी के साथ सूरज उगने से पहले ही जंगल की ओर निकल पड़ते हैं. उनका मुख्य उद्देश्य होता है तेंदूपत्ता तोड़ना, जो वर्षों से उनके जीवन का एक अभिन्न हिस्सा बन चुका है. वे बताते हैं कि रोजाना 300 से अधिक पत्ते तोड़ते हैं और शाम होते ही उन्हें पास के तेंदूपत्ता खरीदी केंद्र (फड़) में बेचने जाते हैं. तेंदूपत्तों को सुरक्षित रखने के लिए सुरितराम जैसे ग्रामीण जंगल से अटायन वृक्ष की छाल लाते हैं, जिससे खास किस्म की रस्सी बनाते हैं. यह रस्सी न सिर्फ मजबूत होती है बल्कि उसमें दीमक भी नहीं लगती, जिससे ‘हरा सोना’ यानी तेंदूपत्ता लंबे समय तक सुरक्षित रहता है. इसी गांव के भूपेंद्र बताते हैं कि वे पिछले 12 वर्षों से तेंदूपत्ता तोड़ने का कार्य कर रहे हैं और अब यह उनका मुख्य रोजगार बन चुका है. उनका पूरा परिवार सुबह 6 बजे जंगल चला जाता है और सामूहिक रूप से तेंदूपत्ता संग्रह करता है. रोजाना 300 से 400 पत्ते तोड़ने के बाद वे 50-50 पत्तों के बंडल बनाते हैं, जिससे तेंदूपत्ता की गिनती और बिक्री में आसानी होती है. गांव के ज्यादातर परिवार इसी कार्य से सालाना अच्छी-खासी कमाई कर लेते हैं. इससे उन्हें न केवल अपने घर खर्च चलाने में मदद मिलती है बल्कि बच्चों की पढ़ाई और जरूरतों को भी पूरा करने में सहूलियत होती है. इस बार प्रशासन ने प्रति मानक बोरी तेंदूपत्ता की कीमत 5,500 रुपए तय की है. हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में कीमत में कोई वृद्धि नहीं हुई है, लेकिन संग्राहक महिलाओं के लिए चरण पादुका (जूते-चप्पल) देने का निर्णय जरूर लिया गया है, जिससे उन्हें जंगल में काम करने में सुविधा हो. आवाराई गांव के ग्रामीणों की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि अगर संसाधनों का सही उपयोग हो और मेहनत से किया जाए तो जंगल की उपज भी ग्रामीणों के लिए आर्थिक आज़ादी का जरिया बन सकती है. तेंदूपत्ता उनके लिए केवल पत्ते नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की राह के मजबूत कदम हैं.homechhattisgarhजंगल के इन पत्तों से बरस रहा पैसा, छत्तीसगढ़ के ग्रामीणों की चमकी किस्मत



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