कांस फिल्म फेस्टिवल 2025 के रेड कारपेट अभिनेत्री रुचि गुर्जर।राजस्थान की बॉलीवुड एक्ट्रेस रुचि गुर्जर फ्रांस में कांस फिल्म फेस्टिवल-2025 में नजर आईं। उन्होंने रेड कारपेट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फोटो वाला नेकलेस पहना था।.स्टाइलिश और ट्रेंडी लुक के साथ उन्होंने यहां सभी का ध्यान खींचा, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा उनके नेकलेस की हो रही है। कांस फेस्टिवल का आयोजन 24 मई तक होगा। इसमें बॉलीवुड की टॉप सेलिब्रिटी पहुंच रही हैं।इन सबके बीच रुचि गुर्जर की रेड कारपेट एंट्री ने उन्हें रातोंरात लाइमलाइट में ला दिया है। शेखावाटी के झुंझुनूं की रहने वाली रुचि ने कॉलेज की पढ़ाई जयपुर से की है। इसके बाद वो मुंबई चली गई थीं।रुचि का ट्रेडिशनल लुक बॉलीवुड व हॉलीवुड सेलिब्रिटीज को भी काफी पसंद आया।अपनी मूवी ‘लाइफ’ के लिए पहुंची हैं रुचि78वें कांस फिल्म फेस्टिवल में रुचि गुर्जर अपनी आने वाली मूवी लाइफ के प्रमोशन के लिए पहुंची हैं। यहां उन्होंने रेड कारपेर्ट में एंट्री के दौरान गोल्डन और रेड थीम में तैयार राजस्थानी लहंगा पहना था।उनके कांस आउटफिट को राजस्थान की डिजाइनर रूपा शर्मा ने तैयार किया था। वहीं डिजाइनर राम द्वारा डिजाइन किया गया बंधनी दुपट्टा, जिसमें जरीबारी और गोटा पट्टी का खूबसूरत यूज किया था।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरों से सजे हार के साथ रुचि का यह लुक चर्चा का विषय बना रहा।पीएम मोदी की फोटो वाले हार की चर्चारुचि गुर्जर के कांस लुक में सबसे ज्यादा चर्चा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरों से सजे जड़ाऊ हार की रही। इसके जरिए उन्होंने फैशन को देशभक्ति से जोड़ने का प्रयास किया।राजस्थानी बोलड़े से सजे माथे के साथ उनका यह पारंपरिक लुक खास आकर्षण का केंद्र बना। रुचि ने कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की वैश्विक छवि को नए आयाम दिए हैं।मैं उस गर्व को अपने पहनावे के माध्यम से दुनिया के सामने लाना चाहती थी। यह हार महज एक आभूषण नहीं, बल्कि शक्ति, दृष्टि और भारत के वैश्विक उदय का प्रतीक है।रुचि गुर्जर ने कहा कि वे प्रधानमंत्री मोदी के विजन से काफी प्रभावित हैं। इंडिया को उनकी लीडरशिप में नई पहचान मिली है।जयपुर से कांस तक का सफरजयपुर के महारानी कॉलेज से ग्रेजुएशन करने वाली रुचि गुर्जर ने वीडियो एलबम में भी काम किया है। फिल्म ‘लाइफ’ को लेकर रुचि ने बताया था कि उन्होंने ऐसी महिला की भूमिका निभाई है, जो सामाजिक दबावों, पारिवारिक संघर्षों और मानसिक पीड़ा से जूझती है। फिल्म की विषयवस्तु आत्महत्या और गर्भपात जैसे संवेदनशील मुद्दों को छूती है, जो आज के समाज में गहरी चर्चा और संवेदना की मांग करते हैं।अब जानते हैं कांस फिल्म फेस्टिवल के इतिहास के बारे में…क्यों की गई कांस की स्थापनाकांस फिल्म फेस्टिवल का मकसद अलग-अलग तरह की फिल्मों और सिनेमेटोग्राफी को बढ़ावा देना था।1939 में दुनिया में सिर्फ एक वेनिस फिल्म फेस्टिवल हुआ करता था। इसमें इटली के तानाशाह मुसोलिनी और जर्मनी के तानाशाह एडोल्फ हिटलर आपस में ही सलाह कर फिल्मों को अवॉर्ड दे दिया करते थे।फिल्म में एक्टिंग, मेकिंग और कला जैसी चीजों का ध्यान नहीं रखा जाता था। इसी मनमानी के खिलाफ 1939 में फ्रांस के कांस शहर में ‘कांस फिल्म फेस्टिवल’ शुरू हुआ।सितंबर 1939 में शुरू हुए पहले कांस फिल्म फेस्टिवल को दूसरे ही दिन रोकना पड़ा था।सेकेंड वर्ल्ड वॉर के चलते टला पहला आयोजनजून 1939 में कांस फिल्म फेस्टिवल की घोषणा हुई। पेरिस में बताया गया कि यह 1 से 20 सितंबर तक आयोजित किया जाएगा।दो दिन के बाद फ्रांस और ब्रिटेन ने जर्मनी के खिलाफ जंग का ऐलान कर दिया। ये सेकेंड वर्ल्ड वॉर की शुरुआत थी। जंग करीब 6 साल चली।जंग खत्म होने के बाद 1946 में फ्रांस की प्रोविंशियल सरकार ने फ्रेंच रिवेरा में टूरिस्ट्स को दोबारा आकर्षित करने के लिए कांस फिल्म फेस्टिवल की शुरुआत को मंजूरी दी।इसके बाद 20 सितंबर 1946 को इस फेस्टिवल की शुरुआत हुई। 18 देशों के रिप्रेजेन्टेटिव इस फेस्टिवल का हिस्सा बने।
Source link