personality of soft speaker calm people how they become influential according to astrology।मीठा बोलना आदत नहीं, शक्ति है! जानिए ऐसे लोगों की खासियत, ज्योतिषीय संकेत और पर्सनैलिटी का रहस्य



Personality Of Soft Speaker : क्या आपने कभी किसी ऐसे इंसान को देखा है जो कभी गुस्से में नहीं दिखता, जो हर बात को मुस्कुराते हुए और मीठे लहजे में कहता है? ऐसे लोग समाज में बहुत अलग नजर आते हैं. वे ना सिर्फ लोगों को अपनी बात से प्रभावित करते हैं, बल्कि अपने व्यवहार से सबका दिल भी जीत लेते हैं. ज्योतिष की नजर से देखें तो ऐसे लोगों की कुंडली में कुछ खास योग होते हैं जो इन्हें शांत, समझदार और प्रभावशाली बनाते हैं. इस विषय में अधिक जानकारी दे रहे हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा.

ये ज्यादा सुनते हैं, कम बोलते हैंमीठा बोलने वाले लोग बातचीत में जल्दी नहीं कूदते. वे पहले ध्यान से सबकी बातें सुनते हैं. इससे सामने वाला महसूस करता है कि उसकी इज्जत हो रही है और उसे महत्व मिल रहा है. इस आदत की वजह से ये लोग दूसरों की नजर में समझदार और भरोसेमंद बन जाते हैं. सुनने की आदत इन्हें सोचने और सही समय पर सही जवाब देने की ताकत भी देती है.

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शांति से काम करना इनकी आदत होती हैये लोग हर बात को शांति से सुलझाना पसंद करते हैं. चाहे ऑफिस का तनाव हो या घर का माहौल, ये लोग कभी आवाज़ ऊंची नहीं करते. इनका मानना होता है कि शांति में ही समाधान छिपा होता है. यही वजह है कि ऐसे लोग किसी भी मुश्किल में घबराते नहीं, बल्कि सोच समझकर उसका हल निकालते हैं.

बोलने से पहले सोचते हैंमीठे बोलने वाले लोग कभी भी बिना सोचे कुछ नहीं कहते. ये लोग समझते हैं कि शब्दों का असर बहुत गहरा होता है, इसलिए वे सोच समझकर ही बात करते हैं. इनके शब्दों में नर्मी होती है, जिससे सामने वाला आहत नहीं होता. यही वजह है कि इनका किसी से झगड़ा कम ही होता है और इनके रिश्ते लंबे चलते हैं.

इनमें आत्म विश्वास होता है, पर घमंड नहींमीठा बोलने वाले लोग खुद पर भरोसा रखते हैं. उन्हें अपनी बात दूसरों पर थोपने की जरूरत नहीं होती. उनका आत्म विश्वास शांत होता है, जिसे देखने के लिए किसी ऊंची आवाज की जरूरत नहीं पड़ती. वे जानते हैं कि जो सही है, वो खुद ब खुद लोगों तक पहुंच जाएगा. यही वजह है कि ऐसे लोग बिना कुछ कहे भी लोगों का ध्यान खींच लेते हैं.

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ज्योतिष क्या कहता है इनके बारे मेंज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिन लोगों की कुंडली में चंद्रमा और बुध मजबूत स्थिति में होते हैं, वे भावनात्मक रूप से संतुलित और विचारशील होते हैं. इनकी वाणी में मिठास होती है और ये दूसरों से जुड़ने में माहिर होते हैं. चंद्रमा मन का कारक है और बुध वाणी का. जब दोनों ग्रह अच्छे असर में होते हैं, तो व्यक्ति को शांति, संयम और सौम्यता का वरदान मिलता है.



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