चमत्कारिक गणपति धाम, जहां अष्टधातु से बनी गणेश भगवान की मूर्ति स्वयं हुई प्रकट, इतिहास जानकर हो जाएंगे हैरान



Last Updated:May 22, 2025, 12:17 ISTAmbikapur Historical Places: अम्बिकापुर के महामाया पहाड़ी पर एक चमत्कारी घटना घटी, जब पहाड़ी के एक हिस्से में गणपति जी की आकृति खुद-ब-खुद उभरी. यह स्थान ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध है. X

गणपति धाम अम्बिकापुर हाइलाइट्सअम्बिकापुर के महामाया पहाड़ी पर गणपति जी की आकृति उभरी.गणपति धाम का इतिहास हजार साल पुराना है.सरगुजा जिले का यह स्थल ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध है.अम्बिकापुर. छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अंबिकापुर के महामाया पहाड़ी पर अनोखा चमत्कार देखने को मिला. यहां पहाड़ी के एक हिस्से में खुद ब खुद गणपति जी की आकृति उभरी, जब लोगों ने जगह का इतिहास खंगाला, तो उन्हें यकीन हो गया कि आखिर क्यों गणपति ने पहाड़ पर दर्शन दिए हैं. दरअसल अंबिकापुर शहर से लगा महामाया पहाड़ अपने अंदर कई तरह के रहस्य छिपाए बैठा है. यही वजह है कि इस पहाड़ को लेकर लोगों के मन में आस्था धीरे-धीरे करके बढ़ने लगी. यही वजह रही कि इस पहाड़ में एक ऐसा चमत्कार हुआ,जिसे देखने के लिए अब यहां लोगों का तांता लगा रहता है. शुरु में जब लोगों ने गणेश स्थापना शुरू की, तो इस स्थान की दिव्यता सामने आने लगी.

सरगुजा के प्रमुख इतिहासिक धरोहरसरगुजा जिले के अम्बिकापुर में रहने वाले इतिहासकार रजनीश पाण्डेय बताते हैं कि सरगुजा जिले के पर्वत श्रृंखला पर स्थापित गणपति धाम बहुत ही पवित्र स्थल है. छत्तीसगढ़ के सरगुजा के लोग अपने अराध्य देव का पुजन अर्चन करते आ रहे हैं. यहां गणपति धाम का जों क्षेत्र है. यहां पुराने शिलालेख है और ऐसी मान्यता है कि पुराने जमाने में वहां गणेश भगवान का वास रहा है. आसपास के क्षेत्र में गजानंद हाथियों के विचरण का क्षेत्र रहा है और पुराणिक काल से लोग पुजा करने जाते रहे हैं. कुछ वर्षों पुर्व छत्तीसगढ़ सरकार ने पहले इसका नाम आक्सीजन पार्क हुआ करता था, फिर छत्तीसगढ़ सरकार ने सामान्य प्रशासन के द्वारा गणपति धाम रखा गया. सरगुजा के निवासीयों के लिए आस्था का केंद्र है और बहुत ही पवित्र स्थल माना जाता है. चुंकि पहाड़ियों पर स्थित है. क्षेत्र में लोगों कि आमद लगातार बनी रहती है.

प्राकृतिक छटा कि बात करें तो प्राकृतिक रूप से भी पूर्णता समपुर्ण समृद्ध क्षेत्र है और लगातार ग्रामीण पर्यटकों का आना जाना है. वहीं सरकार इस ओर ध्यान दे रही है, छत्तीसगढ़ सरकार ने इसको लेकर कई प्रयास किए, जिसको लेकर कार्य प्रगतिशील है.

मां महामाया आदि शक्ति देवी यहां पर विराजमान हैं और ठीक मां महामाया पहाड़ के ऊपर एक खुबसूरत दृश्य दिखाई देता है. वो गणपति धाम है.

इतिहासकार रजनीश पाण्डेय के मुताबिक गणपति धाम का इतिहास हजार साल पुराना है. पुराने जमाने के लोग बोलते थे कि, सरगुजा में इस स्थल पर गजराज का आना जाना रहता था तो यहां पे स्थाई रूप से निवास करते थे, और वहां पे अष्ट धातु से बने गणपति भागवान कि मुरती भी है. पत्थर से बनी कलाकृतियां भी है और पुराने शिलालेख भी है कुलमिलाकर सांस्कृतिक रुप से और इतिहासिक रूप से समृद्ध प्रकृतिक क्षेत्र है.
Anuj SinghAnuj Singh serves as a Content Producer for Local 18 at News18, bringing over one years of expertise in digital journalism. His writing focuses on hyperlocal issues, Political, crime, Astrology.He has worked as…और पढ़ेंAnuj Singh serves as a Content Producer for Local 18 at News18, bringing over one years of expertise in digital journalism. His writing focuses on hyperlocal issues, Political, crime, Astrology.He has worked as… और पढ़ेंभारत पाकिस्तान की ताज़ा खबरें News18 India पर देखेंLocation :Ambikapur,Surguja,Chhattisgarhhomechhattisgarhचमत्कारिक गणपति धाम, जहां अष्टधातु से बनी गणेश भगवान की मूर्ति स्वयं हुई प्रकट



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