धान की कीमत: राजनांदगांव की बसंतपुर कृषि उपज मंडी में इन दिनों धान की भरमार है. रोजाना लगभग 36,000 कट्टे बोरी धान मंडी में पहुंच रहे हैं, लेकिन जितनी बड़ी संख्या में फसल आ रही है, उतनी ही बड़ी निराशा भी किसानों के चेहरे पर दिखाई दे रही है. कारण धान की गिरती कीमतें, जो अब ₹1700 से ₹1800 प्रति क्विंटल पर आकर अटक गई हैं.
किसान पहुंचे मंडी, लेकिन नहीं मिल रही मेहनत की सही कीमतखेतों में पकी रबी फसल की कटाई पूरे जोर पर है. जिले में 80% से अधिक किसानों की धान तैयार हो चुकी है. किसान अपने खून-पसीने की कमाई लेकर मंडी में पहुंच रहे हैं, लेकिन वहां व्यापारी और बिचौलिए उनसे कम से कम कीमतों पर खरीदारी कर रहे हैं. ऐसे में किसान न सिर्फ निराश हैं, बल्कि कुछ तो ऐसे हैं जो कह रहे हैं “लागत भी नहीं निकल रही!”
किसान नेतुराम साहू ने कहा कि अगर ₹2000 क्विंटल का भाव मिलता तो अच्छा मुनाफा होता, लेकिन अभी जो भाव मिल रहा है उससे तो खेती करना घाटे का सौदा बनता जा रहा है.”
क्वालिटी पर भी कट रहा भावमंडी के व्यापारी धान की कीमत तय करते समय क्वालिटी और किस्म को ध्यान में रखते हैं. जिनकी फसल थोड़ा भी कमजोर है, उन्हें न्यूनतम ₹1700 तक ही मिल रहा है. वहीं, कुछ गिनी-चुनी अच्छी क्वालिटी की धान ₹2000 तक बिकी है, लेकिन ऐसे सौदे कम ही हैं.
कृषि मंडी सचिव पंचराम वर्मा का कहना है कि 30 से 35 हजार बोरी रोज आ रही हैं. बोली प्रक्रिया पारदर्शी है. व्यापारी आते हैं, बोली लगाते हैं और किसानों से सीधे सौदा करते हैं.”
व्यापारी खरीद रहे औने-पौने दाम परधान की अधिक आवक ने बाजार में ओवरसप्लाई की स्थिति बना दी है. इसका फायदा व्यापारी उठा रहे हैं. वो जानते हैं कि किसानों को फसल बेचनी ही है, ऐसे में कम कीमत पर भी सौदा हो जाएगा. यही कारण है कि किसान खुद को मजबूर पाते हैं.