आम की लौंजी रेसिपी: गर्मी का मौसम आते ही बाजारों में कच्चे आमों की बहार छा जाती है. इन आमों से बनने वाली डिशेज़ सिर्फ स्वाद में नहीं, बल्कि सेहत के लिहाज से भी बेहद फायदेमंद होती हैं. इन्हीं में से एक है आम की लौंजी, जिसे कई घरों में ‘गलका’ के नाम से भी जाना जाता है.
बचपन की यादें ताज़ा कर देने वाली यह खट्टी-मीठी लौंजी दादी-नानी के नुस्खों से बनती थी और आज भी कई घरों में इसका स्वाद बरकरार है.
सेहत और स्वाद का संगम है आम की लौंजीकच्चे आम में विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर होते हैं जो हीट स्ट्रोक से बचाते हैं, पाचन ठीक रखते हैं और शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखते हैं. जब इसमें गुड़, मसाले और सरसों का तेल मिलकर पकते हैं, तो यह बन जाता है एक ऐसा व्यंजन जो स्वाद में तीखा, खट्टा और मीठा होता है – यानी हर किसी के लिए परफेक्ट!
बचपन का स्वाद, जो हर गर्मी में आता था थाली मेंपुराने ज़माने में जब न तो फ्रिज होते थे और न ही फैंसी सॉफ्ट ड्रिंक्स, तब आम की लौंजी गर्मियों में ताजगी और स्वाद का सबसे बड़ा ज़रिया होती थी. दादी-नानी इसे बड़े प्यार से बनाती थीं और खाने के साथ परोसती थीं. यह ना सिर्फ स्वाद बढ़ाती थी बल्कि शरीर को ठंडक भी देती थी.
आसान विधि से घर पर बनाएं आम की लौंजीसामग्री:
कच्चे आम – 4-5
गुड़ – 1 कप
सरसों का तेल – 2 टेबलस्पून
हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, अदरक पाउडर – 1-1 टीस्पून
जीरा पाउडर, हींग – चुटकी भर
नमक – स्वादानुसार
पानी – 1 कप
बनाने की विधि:
आम को धोकर छील लें और टुकड़ों में काट लें.
कढ़ाई में तेल गर्म करें और हींग, जीरा डालें.
फिर हल्दी, मिर्च, अदरक पाउडर डालकर मसाले भूनें.
इसमें आम और नमक डालें, कुछ मिनट भूनें.
अब गुड़ और पानी डालें, 30–40 मिनट धीमी आंच पर पकाएं.
जब लौंजी गाढ़ी हो जाए और आम गल जाएं, गैस बंद कर दें.
ठंडा करके परोसें – गरमा गरम रोटी या पराठे के साथ.
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Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
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