ज्येष्ठ की पहली एकादशी कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को है, इसे अपरा एकादशी के नाम से जानते हैं. अपरा एकादशी के दिन 4 शुभ योगों का निर्माण हो रहा है और पूरे दिन अग्नि पंचक रहेगा. अपरा एकादशी को व्रत रखकर भगवान विष्णु के वामन अवतार की पूजा करनी चाहिए. श्रीहरि के वामन अवतार को भगवान त्रिविक्रम कहा जाता है. काशी के ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट बताते हैं कि विधिपूर्वक अपरा एकादशी का व्रत और पूजन करने से व्यक्ति को मोक्ष मिलता है, उसे प्रेत योनि से मुक्ति मिलती है और जिस पर ब्रह्म हत्या जैसा पाप होता है, वह भी मिट जाता है. आइए जानते हैं कि ज्येष्ठ की पहली एकादशी यानि अपरा एकादशी कब है? अपरा एकादशी पर कौन से 4 शुभ योग बनेंगे? अपरा एकादशी का मुहूर्त और पारण समय क्या है?
ज्येष्ठ की पहली एकादशी या अपरा एकादशी 2025 तारीख
दृक पंचांग के अनुसार, इस साल ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी तिथि का प्रारंभ 23 मई को 1 बजकर 12 एएम पर होगा और यह तिथि 23 मई को रात 10 बजकर 29 मिनट पर होगा. ऐसे में ज्येष्ठ की पहली एकादशी यानि अपरा एकादशी 23 मई शुक्रवार को होगी. उस दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा की जाएगी.
4 शुभ संयोग में अपरा एकादशी 202523 मई को अपरा एकादशी के दिन 4 शुभ संयोग बन रहे हैं. उस दिन प्रीति योग, आयुष्मान योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग बन रहे हैं. सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग शाम को 04 बजकर 02 मिनट से बनेंगे और यह अगले दिन 24 मई को सुबह 05 बजकर 26 मिनट तक रहेंगे.
एकादशी को प्रात:काल से प्रीति योग बनेगा, जो शाम को 6 बजकर 37 मिनट तक रहेगा. उसके बाद से आयुष्मान योग बनेगा. इसके अलावा उस दिन उत्तर भाद्रपद नक्षत्र सुबह से लेकर शाम 04 बजकर 02 मिनट तक है, उसके बाद से रेवती नक्षत्र है.
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अपरा एकादशी पर पूरे दिन अग्नि पंचक 2025अपरा एकादशी को पूरे दिन अग्नि पंचक रहेगा. इस पंचक का प्रारंभ मंगलवार से हो रहा है. मंगलवार से शुरू होने वाले पंचक को अग्नि पंचक कहते हैं. इसमें अग्नि का भय रहता है. इसे अशुभ माना जाता है, लेकिन एकादशी व्रत और पूजा पर कोई रोक नहीं होगी.
अपरा एकादशी 2025 मुहूर्त
अपरा एकादशी को जिन लोगों को व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा करनी है, वे ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि से निवृत हो जाएं, उसके बाद पूजा पाठ करें. उस दिन ब्रह्म मुहूर्त 04:04 ए एम से 04:45 ए एम तक है. उस दिन सूर्योदय 05:26 ए एम पर होगा.
अपरा एकादशी का शुभ समय या अभिजीत मुहूर्त दिन में 11 बजकर 51 मिनट से दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक है. अपरा एकादशी पर लाभ-उन्नति मुहूर्त 07:09 ए एम से 08:52 ए एम तक और अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त 08:52 ए एम से 10:35 ए एम तक है.
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अपरा एकादशी 2025 पारण समय
अपरा एकादशी व्रत का पारण 24 मई शनिवार को किया जाएगा. उस दिन पारण का समय सुबह 05 बजकर 26 मिनट से सुबह 08 बजकर 11 मिनट के बीच है. उस दिन पारण के लिए आपको ढाई घंटे से अधिक का समय प्राप्त होगा. पारण वाले दिन द्वादशी तिथि का समापन शाम को 07 बजकर 20 मिनट पर होगा.
अपरा एकादशी पर पूजा के बाद जल का दान करें. ज्येष्ठ माह के प्रत्येक दिन जल का दान करना पुण्यकारी होता है.