ऋषिकेश. ज्योतिष शास्त्र में राहु एक छाया ग्रह माना जाता है, लेकिन इसका प्रभाव बेहद गहरा और रहस्यमय होता है. यह ग्रह जीवन में अचानक घटनाओं, भ्रम, मोह, आकस्मिक लाभ या हानि, और मानसिक उतार-चढ़ाव का कारक होता है. 18 मई को राहु कुंभ राशि में गोचर कर चुके हैं.ये परिवर्तन कई राशियों पर खास असर डाल सकता है. ये गोचर कुछ लोगों के लिए बदलावों और चुनौतियों का संकेत हो सकता है, तो कुछ के लिए यह आत्मचिंतन और सुधार का समय भी हो सकता है.
राहु के गोचर का महत्त्वLocal 18 के साथ बातचीत में उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित गृह स्थानम के ज्योतिषी अखिलेश पांडेय बताते हैं कि राहु का एक राशि में लगभग 18 महीनों तक वास रहता है. इसका असर धीमा मगर गहरा होता है. जब राहु राशि परिवर्तन करता है, तो इसका प्रभाव मानसिक स्थिति, करियर, स्वास्थ्य और रिश्तों पर भी देखा जाता है. कुंभ राशि में इसका प्रवेश सामाजिक दृष्टिकोण, तकनीक, नेटवर्किंग और बौद्धिक गतिविधियों पर असर डालेगा.
इन राशियों के जातक रहें सतर्क
1. कर्क राशिकर्क राशि के जातकों के लिए यह गोचर अष्टम भाव में है. यह भाव जीवन के रहस्यों, परिवर्तन और आकस्मिक घटनाओं से जुड़ा है. ऐसे में कर्क जातकों को स्वास्थ्य, गुप्त शत्रुओं और मानसिक तनाव से सावधान रहना होगा. निवेश सोच-समझकर करें और किसी भी तरह के विवाद से बचें.
2. कन्या राशिकन्या राशि के लिए राहु ने छठे भाव में गोचर किया. यह भाव रोग, ऋण और शत्रुओं से जुड़ा होता है. इस अवधि में विरोधी सक्रिय हो सकते हैं, और स्वास्थ्य से संबंधित समस्याएं उभर सकती हैं. कार्यस्थल पर दबाव बढ़ सकता है. नियमित व्यायाम और संयमित जीवनशैली अपनाना लाभदायक रहेगा.
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3. धनु राशि.राहु का यह गोचर तीसरे भाव में हुआ है. यह साहस, छोटे भाई-बहनों और संचार का भाव है. हालांकि राहु इस भाव में कुछ साहसिक फैसले दिला सकता है, लेकिन अतिआत्मविश्वास और गलत निर्णयों से नुकसान हो सकता है. रिश्तों में दूरी बढ़ सकती है. यात्रा करते समय सावधानी बरतें.
4. मीन राशिमीन राशि के जातकों के लिए राहु ने बारहवें भाव में गोचर किया. यह भाव हानि, खर्च, अस्पताल और विदेश यात्रा से जुड़ा होता है. इस दौरान नींद की समस्या, मानसिक बेचैनी और आर्थिक असंतुलन देखने को मिल सकता है. आध्यात्मिक गतिविधियों और ध्यान से राहत मिल सकती है.