Last Updated:May 20, 2025, 11:59 ISTBada Mangal 2025: आज ज्येष्ठ माह का दूसरा मंगलवार है और इस मंगलवार का विशेष महत्व यह है कि प्रयागराज के प्रसिद्ध बंधवा हनुमान मंदिर पर जो भी भक्तगण मनोकामना लेकर आते हैं, बजरंगबली उन सभी की मनोकामना पूर्ण करते …और पढ़ेंहाइलाइट्सप्रयागराज के बंधवा हनुमान मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ी.बुढ़वा मंगल पर हनुमानजी की विशेष कृपा मानी जाती है.बंधवा हनुमान मंदिर में लेटे हुए हनुमानजी की मूर्ति है.ज्येष्ठ माह के सभी मंगलवार को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहा जाता है. यह दिन भगवान हनुमानजी को समर्पित होता है और भक्त इस दिन विशेष पूजा-पाठ, व्रत और भक्ति करते हैं. खासकर उत्तर भारत में यह दिन बहुत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है. ज्येष्ठ माह के दूसरे बड़े मंगलवार के दिन प्रयागराज के प्रसिद्ध बंधवा हनुमान मंदिर में ब्रह्म मुहूर्त से ही भक्तों की लंबी कतारें लग गईं. हर कोई बजरंगबली के दर्शन का बेसब्री से इंतजार कर रहा था.
चारों तरह गूंजे जय श्रीराम और जय-जय हनुमान के जयकारेमंदिर परिसर ‘जय श्रीराम’ और ‘जय-जय हनुमान’ के जयकारे गूंज रहे थे. भक्तों में तुलसी की माला, फूल, सिंदूर और लड्डुओं का भोग चढ़ाने के लिए होड़ लगी रही. मंदिर के अंदर और बाहर श्रद्धालु हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करते नजर आए. मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु इस दिन सच्चे मन से बजरंगबली की उपासना करता है और उपवास रखता है, उसकी सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
बुढ़वा मंगल का महत्वबुढ़वा मंगल की वजह से आज के दिन का खास महत्व है. कहा जाता है कि बुढ़वा मंगल के दिन प्रयागराज के प्रसिद्ध बंधवा हनुमान मंदिर के दर्शन करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है. यहां लेटे हुए हनुमान जी की मूर्ति है, जिसके दर्शन करने से भक्तों पर कृपा बरसती है. हनुमानजी की कृपा पाने के लिए यहां लोग सुबह-सुबह ही आ जाते हैं और उनके दर्शन करते हैं. श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम भी किए गए थे, ताकि दर्शन करने आए लोग सुरक्षित और आसानी से भगवान हनुमान के दर्शन कर सकें.
कई नाम से जाना जाता है यह मंदिरप्रयागराज के प्रसिद्ध बंधवा हनुमान मंदिर त्रिवेणी संगम के पास स्थित है और यहां हनुमानजी की लेटी हुई मुद्रा में विशाल मूर्ति है. इस मंदिर के कई नाम से जाना जाता है, जैसे किले वाले हनुमानजी मंदिर, बड़े हनुमानजी का मंदिर, लेटे हुए हनुमानजी का मंदिर और बांध वाले हनुमानजी मंदिर. मंदिर के बारे में कहा जाता है 1400ई में औरंगजेब ने हनुमानजी की प्रतिमा को हटाने की कोशिश की थी और उसने 100 सिपाहियों को लगाया था. लेकिन कोई भी प्रतिमा को हिला भी नहीं पाया था.
Parag Sharmaमैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प…और पढ़ेंमैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प… और पढ़ेंhomedharmसभी मंदिरों से अलग है यहां के हनुमानजी, दर्शन मात्र से पूरे होते हैं सभी काम
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