आज पहला बड़ा मंगलवार व्रत है. ज्येष्ठ माह के सभी मंगलवार को बड़ा मंगलवार या बुढ़वा मंगलवार के नाम से जानते हैं. इस बार 5 बड़ा मंगलवार पड़ेंगे. आज के बाद 20 मई, 27 मई, 3 जून और 10 जून को बड़ा मंगलवार व्रत है. बड़ा मंगलवार के दिन व्रत रखते हैं और पवनपुत्र हनुमान जी की पूजा करते हैं. इस दिन हनुमान जी को प्रिय भोग अर्पित करते हैं. उनकी कृपा प्राप्ति के लिए लाल लंगोट, सिंदूर, चमेली के तेल और सिंदूर का चोला आदि चढ़ाते हैं. तिरुपति के ज्योतिषाचार्य डॉ. कृष्ण कुमार भार्गव का कहना है कि बड़ा मंगलवार के दिन आप हनुमान जी से जुड़े उपायों को करके संकटों से मुक्ति पा सकते है, बड़े से बड़े काम सफल होंगे. आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में.
बड़ा मंगलवार के उपाय
1. राम नाम का जपकहा जाता है कि हनुमान जी की कृपा तभी मिलती है, जब आप प्रभु राम के शरण में जाते हैं. प्रभु राम से बड़ा उनके नाम का प्रभाव है. इसको उनके परम भक्त हनुमान जी ने भी सिद्ध किया है. ऐसे में आप बड़ा मंगलवार के दिन व्रत रखकर प्रभु राम के नाम का जप करें. आप पर प्रभु राम के साथ हनुमान जी की कृपा होगी.
2. हनुमान चालीसा पाठतुलसीदास जी ने हनुमान जी के गुणों का बखान हनुमान चालीसा में किया है. जो लोग मंत्र जाप आदि नहीं करना चाहते हैं, उनके बड़ा मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए. हनुमान चालीसा का पाठ पुरुष और महिला दोनों ही कर सकते हैं. कुछ लोग कहते हैं कि महिलाओं को हनुमान चालीसा पाठ नहीं करना चाहिए. यह सही नहीं है. सभी लोग हनुमान चालीसा का पाठ कर सकते हैं. आप हनुमान चालीसा का 5 पाठ करें. बजरंगबली की कृपा से आपके काम बनेंगे और संकट मिटेंगे.
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3. बजरंग बाण का पाठयदि आप किसी विकट परिस्थिति में फंसे हैं या आपको किसी संकट का आभास हो रहा है तो आपको बड़ा मंगलवार के दिन बजरंग बाण का पाठ करना चाहिए. बजरंग बाण का पाठ करने से रोग, दोष आदि भी दूर होते हैं.
4. संकटमोचन हनुमानाष्टक का पाठहनुमान जी प्रभु राम के संकटमोचन थे. हनुमान जी प्रभु राम के सभी संकटों को दूर करते थे. यदि आप के जीवन में कोई बड़ा संकट आया है तो उससे मुक्ति के लिए संकटमोचन हनुमानाष्टक का पाठ करें. संकटमोचन हनुमानाष्टक हनुमान चालीसा में ही दिया गया है. बड़ा मंगलवार को आपको जब समय मिले, हनुमान जी के समक्ष बैठकर संकटमोचन हनुमानाष्टक का पाठ करें. हनुमत कृपा से आपके सभी दुख दूर होंगे.
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5. सुंदरकांड का पाठरामचरितमानस के सुंदरकांड में वीर हनुमान जी के पराक्रम का वर्णन है. जो प्रभु राम कर आज्ञा से माता सीता की खोज में जाते हैं. सहस्त्र योजन समुद्र को लांघकर लंका में प्रवेश करते हैं और माता सीता को प्रभु राम का संदेश देते हैं. उसके बाद लंका दहन करके रावण को चेताते भी हैं.
जो भक्त बड़ा मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ करता है या इसका आयोजन करता है, उसे हनुमान जी का अशीर्वाद मिलता है. हनुमत कृपा से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है. हनुमान जी के आशीर्वाद से व्यक्ति के ज्ञान, बल, आत्मविश्वास, सफलता, यश, पराक्रम आदि में बढ़ोत्तरी होती है. कष्ट मिटते हैं और गृह क्लेश से मुक्ति मिलती है.