Last Updated:May 23, 2025, 14:27 ISTBijapur News : बीजापुर में सुरक्षाबलों ने माओवादी महासचिव नंबाला केशव राव को मार गिराया, जिस पर 1.5 करोड़ का इनाम था. पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे बड़ी उपलब्धि बताते हुई जवानों समेत पूरे देश…और पढ़ेंबीजापुर में बड़ी सफलता के बाद सुरक्षा बलों ने गुलाल से होली खेली. हाइलाइट्सबीजापुर में माओवादी नेता नंबाला केशव राव मारा गया.पीएम मोदी और अमित शाह ने ऑपरेशन की सराहना की.सुरक्षाबलों का अगला लक्ष्य बचे नक्सलियों की तलाश.पिनाकी रंजन दासबीजापुर. छत्तीसगढ़ के बीजापुर और नारायणपुर की सीमा पर स्थित अबूझमाड़ के जंगलों में 21 मई को सुरक्षाबलों के ऑपरेशन ने माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है. इस कार्रवाई में सीपीआई (माओवादी) महासचिव और देश के मोस्ट वांटेड नक्सली नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू को मार गिराया गया, जिस पर 1.5 करोड़ रुपये का इनाम था. ऑपरेशन की सफलता के बाद, जवान जब बीजापुर मुख्यालय लौटे तो वहां माहौल उत्सव में बदल गया. जवानों का स्वागत गुलाल, पटाखे और “भारत माता की जय” के नारों के साथ हुआ. पुलिस अधिकारी भी जवानों के साथ जश्न में शामिल हुए.
इस जीत के बाद सुरक्षाबल अब अगली रणनीति पर काम कर रहे हैं. बचे हुए नक्सलियों की तलाश और उन्हें सरेंडर के लिए प्रेरित करना अब मिशन का अगला चरण है. सुरक्षा एजेंसियां अब उस नेटवर्क को खत्म करने में जुट गई हैं जो इन नक्सलियों को रसद, हथियार और खुफिया जानकारी मुहैया कराता है. बीजापुर मुख्यालय में दिखा उत्साह इस बात का संकेत है कि जवान अब और मजबूती से आगे की कार्रवाई को अंजाम देने को तैयार हैं. DRG, STF और कोबरा की संयुक्त टीम ने यह साबित कर दिया है कि जंगलों में छिपे माओवादी अब कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं.
पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने की तारीफप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऑपरेशन की सराहना करते हुए इसे नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी उपलब्धि बताया. गृह मंत्री अमित शाह ने इसे दशकों की सबसे बड़ी सफलता बताया. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, “छत्तीसगढ़ ने माओवाद के ताबूत में आखिरी कील ठोक दी है.” यह ऑपरेशन सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि सुरक्षाबलों के विश्वास, समर्पण और रणनीतिक सोच की जीत है. नक्सल प्रभावित इलाकों में अब शांति और विकास की उम्मीदें फिर से बढ़ रही हैं.
नक्सलियों की तलाश और उन्हें मुख्य धारा में लाने की कोशिशसुरक्षाबलों की अगली रणनीति बचे हुए नक्सलियों की तलाश और उन्हें मुख्यधारा में लाने पर केंद्रित है. इस सफलता ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास की उम्मीदें बढ़ा दी हैं. हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि संगठन में नए नेतृत्व को लेकर संभावित संघर्ष और विभाजन की आशंका है, जिससे नक्सली गतिविधियों में बदलाव की संभावना है. इस ऑपरेशन में बसवराजू के साथ-साथ पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) की कंपनी नंबर 07 की सदस्य और बसवराजू की अंगरक्षक संगीता और भूमिका भी मारी गईं, जिन पर ₹10 लाख का इनाम था. इसके अलावा, रणनीतिकार जंग नवीन उर्फ मधु (₹25 लाख इनामी) और उगेन्द्र उर्फ विवेक (₹8 लाख इनामी) भी इस मुठभेड़ में मारे गए.
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