Bijapur Encounter: बसवा राजू की मौत नक्सलवाद के लिए कितना बड़ा झटका



Last Updated:May 21, 2025, 16:56 ISTWho was Basva Raju: छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ में सुरक्षाबलों ने 31 नक्सलियों को मार गिराया, जिसमें नक्सली कमांडर बसवा राजू भी शामिल था. बसवा राजू पर 1 करोड़ का इनाम था. वह कई बड़े नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड था.मुठभेड़ में मारा गया खूंखार नक्सली बसवा राजू.हाइलाइट्सछत्तीसगढ़ में नक्सलियों पर बड़ा प्रहारअबूझमाड़ एनकाउंटर में मारे गए 31 नक्सलीटॉप नक्सल कमांडर बसवा राजू भी ढेररायपुर. छत्तीसगढ़ में एक बार फिर जवानों ने नक्सलियों पर ताबड़तोड़ अटैक किया है. अबूझमाड़ के जंगल में हुए एनकाउंटर में सुरक्षाबलों ने 31 नक्सलियों को मार गिराया. इलाके की सर्चिंग के बाद 26 बॉडी और हथियार भी बरामद कर लिया है. इस मुठभेड़ नक्सलियों को नक्सली कमांडर बसवा राजू भी मारा गया, जिस पर 1 करोड़ का इनाम है. बताया जाता है कि बसवा राजू, नंबाला केशव राव उर्फ बसवा राजू उर्फ गग़न्ना उर्फ प्रकाश के नाम से भी जाना जाता था. उसने बीटेक की पढ़ाई की है. मेडिसन के बारे में वो अच्छी खासी जानकारी रखता था. बसवा आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के जियन्नापेट गांव का रहने वाला था.

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में 50 घंटे से ज्यादा समय तक चले एक बड़े एंटी नक्सल ऑपरेशन के बाद बसवा राजू को मार गिराया गया. मालूम हो कि बीजापुर के करेगुट्टा में CRPF DG जीपी सिंह की लीडरशिप में बड़ा ऑपरेशन जवानों ने चलाया था. इसमें भी जवानों को काफी सफलता मिली थी. हालांकि इस ऑपरेशन में टॉप नक्सल लीडर बच गए थे. अब बसवा राजू के खात्म को जवानों की बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है.

कौन था बसवा राजू?बसवा राजू एक खूंखार नक्सली था. वो सीपीआई (माओवादी) का सुप्रीम कमांडर था. उसे नक्सल संगठन का थिंक टैंक भी कहा जाता था. 2018 में नक्सली लीडर गणपति ने अपना पोस्ट थोड़ दिया था. उसकी जगह राजू ने ले ली. बसवा राजू ने जवानों पर कई अटैक प्लान किए. वो कई जवानों की शहादत का जिम्मेदार है. वो आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले का रहने वाला था. स्टूडेंट लाइफ से ही उसने वामपंथी गतिविधियों में शामिल होने शुरू कर दिया था. रेडिकल स्टूडेंट्स यूनियन (RSU) का सदस्य रहा. धीरे-धीरे वो सीपीआई (माओवादी) के महासचिव की पोस्ट तक पहुंचा. NIA के साथ-साथ तेलंगाना और आंध्र प्रदेश पुलिस की मोस्ट वांडेट लिस्ट में भी वो शामिल था.

नक्सल आंदोलन के लिए कितना जरूरी था बसवा राजूनक्सल कमांडर बसवा राजू कई बड़े नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड था. 2003 में अलीपिरी बम हमले में भी उसकी अहम भूमिका रही. 2010 में उसने दंतेवाड़ा में घात लगाकर हमला किया था. इस अटैक में 76 सीआरपीएफ के जवान शहीद हो गए थे. उसने एमटेक तक की पढ़ाई की. गोरिल्ला वॉर और आईईडी प्लांट करने में वो काफी माहिर था. राजू के बारे जाने के बाद अब नक्सली संगठन में लीडरशिप की कमी साफ नजर आएगी. उसे नक्सल संगठन की थिंकटैंक माना जाता था. अबूझमाड़ इलाके में उसका राज था. अब माना जा रहा है कि उसकी मौत के बाद संगठन से युवा दूरी बना लेंगे. सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि इस सफल ऑपरेशन से बाकी बचे नक्सलियों को भी साफ संदेश दे दिया गया कि सरेंडर कर दें. अब इससे बाकी बचे कैडर में भी फूट पड़ सकता है.

कौन से नक्सली है बाकी?

1 करोड़ के इनामी बसवा राजू के मारे जाने के बाद अब जवानों के टारगेट में बाकी नक्सली लीडर है. उनमें से एक नाम है मुप्पला लक्ष्मण राव, जिसे गणपति, रमन्ना, श्रीनिवास और शेखर के नाम से भी जाना जाता है. उसकी उम्र तकरीबन 74 साल है. वो सीपीआई (माओवादी) का सलाहकार. अबूझमाड़ इलाके में फोर्स लगातार अपनी कार्रवाई कर रही है. आने वाले समय में इस इलाके में और भी बड़े ऑपरेशन  होंगे.

Preeti GeorgePreeti George is lead content writer at hindi.news18.com having experience of more than 5 years in digital media. After completing her masters from Kushabhau Thakre Journalism university, she worked in various …और पढ़ेंPreeti George is lead content writer at hindi.news18.com having experience of more than 5 years in digital media. After completing her masters from Kushabhau Thakre Journalism university, she worked in various … और पढ़ेंभारत पाकिस्तान की ताज़ा खबरें News18 India पर देखेंLocation :Raipur,Raipur,ChhattisgarhhomechhattisgarhBijapur Encounter: बसवा राजू की मौत नक्सलवाद के लिए कितना बड़ा झटका



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