Last Updated:May 19, 2025, 12:26 ISTकोरबा की 12वीं कक्षा की छात्रा और बाल पक्षी विज्ञानी सर्वज्ञा सिंह ने इन खूबसूरत मेहमानों को अपने कैमरे में कैद किया है और इन पर शोध भी कर रही हैं. परिंदों के लिए सरहदों का कोई बंधन नहीं होता. वे जल, थल और आकाश में बेरोकटोक उड़ान भरते हैं. अपनी मधुर आवाज, खूबसूरत पंखों और आकर्षक बनावट से ये पक्षी प्रकृति को मनमोहक बनाते हैं. आमतौर पर लोग छुट्टियां मनाने यूरोप, अफ्रीका जैसे देशों में जाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हर साल इन देशों से 17 से 20 प्रकार के प्रवासी पक्षी कोरबा आते हैं? ये यूरोपीय पक्षी लगभग 5000 से 6000 किलोमीटर की लंबी यात्रा करके यहां अपने परिवार के साथ छुट्टियां बिताते हैं. कोरबा की 12वीं कक्षा की छात्रा और बाल पक्षी विज्ञानी सर्वज्ञा सिंह ने इन खूबसूरत मेहमानों को अपने कैमरे में कैद किया है और इन पर शोध भी कर रही हैं. बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (BNHS) से पक्षी विज्ञान में कोर्स कर रहीं सर्वज्ञा ने बताया कि 2023 में उन्हें पक्षी अवलोकन के लिए कैमरा मिला. इसके बाद उन्होंने एशियन ओपनबिल स्टॉर्क (Anastomus Oscitans) पर विशेष अध्ययन शुरू किया. उनका मानना है कि पक्षियों का प्रवास जैव विविधता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और ये पर्यावरण के स्वास्थ्य के महत्वपूर्ण संकेतक हैं. कोरबा की अनूठी जैव विविधता ही इन प्रवासी पक्षियों को हर साल यहां आकर्षित करती है. रेड क्रेस्टेड पोचार्ड एक ऐसा ही प्रवासी पक्षी है, जो सर्दियों में कोरबा आता है. ये पक्षी प्रजनन के लिए यूरोप, काला सागर, मध्य एशिया और मंगोलिया से आते हैं. भारतीय उपमहाद्वीप इनके लिए सर्दियों का ठिकाना है, जहां वे यूरोप की कठोर सर्दियों से बचते हैं. यूरेशियन गोल्डन ओरियोल गर्मियों में भारत आता है. ये यूरोप और अफ्रीका से भारतीय उपमहाद्वीप तक की यात्रा करते हैं और प्रजनन के लिए यहां आते हैं. मानसून के दौरान कीटों और भोजन की उपलब्धता इन्हें आकर्षित करती है. कॉमन सैंडपाइपर, वुड सैंडपाइपर, कर्ल्यू सैंडपाइपर, गैडवॉल, पेरेग्रीन, फाल्कन, व्हिम्ब्रेल, नॉर्दर्न पिंटेल, कॉमन टील, रेड-ब्रेस्टेड फ्लाईकैचर. सर्वज्ञा फिलहाल कोरबा के आसमान में विचरण करने वाले पक्षियों का अवलोकन कर पक्षी चेकलिस्ट पर भी शोध कर रही हैं. उनके शोध में प्रवास पर आने वाली सभी पक्षी प्रजातियां शामिल हैं.homechhattisgarhकोरबा की खूबसूरती का लुत्फ उठाने आते हैं ये विदेशी पक्षी, बनते हैं मेहमान
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