Buddha Purnima 2025: बुद्ध पूर्णिमा या वेसाक बौद्ध धर्म मानने वालों के लिए सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है. इसी दिन गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था. यही नहीं, इसी दिन उन्होंने ज्ञान प्राप्त किया और अंत में महापरिनिर्वाण को प्राप्त हुए. इस तरह यह दिन बुद्ध के जीवन के तीन सबसे अहम पड़ावों को समर्पित है. यह पर्व वैशाख महीने की पूर्णिमा को मनाया जाता है. इस साल बुद्ध पूर्णिमा 12 मई 2025 को मनाई जाएगी. गौतम बुद्ध के विचार वर्तमान समय में भी उतने ही प्रासंगिक हैं. बुद्ध पूर्णिमा 2025 के इस खास मौके पर आइए गौतम बुद्ध के कुछ प्रेरणादायक विचारों को अपनाने की कोशिश करें.
गौतम बुद्ध की कुछ प्रमुख शिक्षाएं और प्रेरणादायक विचार
1. “मन ही सब कुछ है, जो आप सोचते हैं वही आप बनते हैं.”मतलब- हमारे विचारों में बहुत ताकत होती है. जैसा हम सोचते हैं, वैसा ही हमारा जीवन बनता है.
2. “कोई और हमें नहीं बचा सकता. हमें खुद ही अपना रास्ता तय करना होता है.”मतलब- हमारी ज़िंदगी की जिम्मेदारी हमारी खुद की है, और हमें ही अपने कर्म करने होंगे.
3. “जुबान एक तेज चाकू की तरह होती है.. यह बिना खून बहाए भी चोट पहुंचा देती है.”मतलब – हमारी बातें दूसरों को बहुत गहरा दुख दे सकती हैं, इसलिए सोच-समझकर बोलो.
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4.. “सेहत सबसे बड़ा तोहफा है, संतोष सबसे बड़ा धन है, और वफादारी सबसे अच्छा रिश्ता है.”मतलब – अच्छी सेहत, संतोष और भरोसेमंद रिश्ता ही असली धन हैं.
5. “हजारों लड़ाइयां जीतने से अच्छा है खुद को जीतना. क्योंकि वही जीत सच्ची है और कोई उसे छीन नहीं सकता.”मतलब – अपने मन और बुराईयों पर काबू पाना ही असली जीत है.
6. “नफरत कभी नफरत से खत्म नहीं होती. नफरत को सिर्फ प्रेम से ही मिटाया जा सकता है. यह अटल नियम है.”मतलब – नफरत का जवाब सिर्फ प्रेम है, तभी शांति आ सकती है.
7. “तीन चीजें छिप नहीं सकतीं- सूरज, चांद और सच्चाई.”मतलब – सच्चाई चाहे जितनी छिपे, एक दिन जरूर सामने आती है.
8. “सेहत सबसे बड़ा उपहार है, और संतोष सबसे बड़ी दौलत.”मतलब – शरीर का स्वस्थ होना और मन में संतोष होना ही असली सुख है.
9. “अतीत जा चुका है, भविष्य अभी आया नहीं है. हमारे पास सिर्फ यही एक पल है जिसे हमें जीना है.”मतलब – बीते या आने वाले समय की चिंता छोड़कर वर्तमान में जीना सीखो.
10. “सफर अच्छा होना चाहिए, मंजिल तक पहुंचना जरूरी नहीं.”मतलब- ज़िंदगी का सफर और अनुभव ही सबसे अहम होते हैं.
11. “जैसे एक-एक बूंद से घड़ा भरता है, वैसे ही समझदार इंसान थोड़ा-थोड़ा करके खुद को अच्छे कर्मों से भरता है.”मतलब – छोटे-छोटे अच्छे काम मिलकर एक दिन बड़ी अच्छाई बन जाते हैं.
12. “समस्या ये है कि हम सोचते हैं हमारे पास बहुत समय है.”मतलब – ज़िंदगी बहुत छोटी है, हर पल को महत्व देना चाहिए.
13. “अगर आप किसी के लिए दीपक जलाते हो, तो उसका प्रकाश आपके रास्ते को भी रोशन करता है.”मतलब – दूसरों की मदद करने से हमें भी सुख मिलता है.
14. “आख़िर में तीन चीजें ही मायने रखती हैं: आपने कितना प्रेम किया, कितनी विनम्रता से जिए और जो चीज़ें आपकी नहीं थीं, उन्हें कितनी शांति से छोड़ दिया.”मतलब – प्यार, अच्छा व्यवहार और त्याग ही असली ज़िंदगी की पहचान हैं.
15. “जो लोग पहले से मौजूद चीजों की कदर नहीं करते, उन्हें कभी सच्चा सुख नहीं मिलता.”मतलब – जो आपके पास है, उसका सम्मान करो तभी खुशी मिलेगी.
16. “किसी बात को सिर्फ इसलिए मत मानो क्योंकि कहीं लिखा है या कोई ज्ञानी कह रहा है. उसे तब मानो जब वह तुम्हारी समझ और तर्क से मेल खाता हो.”मतलब – अंधविश्वास नहीं, समझदारी से सोचो.
17. “बुरे कर्मों से ऐसे बचो, जैसे कोई ज़हर से बचता है.”मतलब – बुराई से दूरी रखना हमारे भले के लिए बेहद जरूरी है. जैसे ज़हर से जान को खतरा होता है, वैसे ही बुराई से आत्मा को खतरा होता है.
18. “दुखों की जड़ – मोह (लगाव) है.”मतलब- किसी चीज़ से ज़रूरत से ज़्यादा लगाव करना ही दुख की वजह बनता है. संतुलन ज़रूरी है.
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19. “आपको अपने ग़ुस्से की वजह से सज़ा नहीं मिलेगी, बल्कि आपका ग़ुस्सा ही आपको सज़ा देगा.”मतलब- ग़ुस्से से दूसरों से ज़्यादा हम खुद दुखी होते हैं. ग़ुस्से को छोड़ना खुद को सजा से बचाना है.
20. “अपने मन पर नियंत्रण रखो, वरना यही मन आप पर राज करेगा.”मतलब- मन यदि नियंत्रित न हो तो यह हमारी ज़िंदगी को दिशा से भटका सकता है. आत्म-नियंत्रण आवश्यक है.