Buddha Purnima 2025 Lord Buddha 2587th Birth Anniversary on 12 May How do followers of Buddhism worship । बुद्ध पूर्णिमा के बौद्ध धर्म के अनुयानी कैसे करते हैं पूजा बुद्ध पूर्णिमा 2025



Buddha Purnima 2025: बुद्ध पूर्णिमा बौद्ध धर्म का सबसे पवित्र त्योहार माना जाता है. इस दिन भगवान गौतम बुद्ध का जन्म, ज्ञान की प्राप्ति और उनके परिनिर्वाण यानी निधन, तीन बातें एक ही दिन घटी थीं. इसलिए यह दिन बहुत खास माना जाता है. 2025 में बुद्ध पूर्णिमा सोमवार, 12 मई को मनाई जाएगी. यह भगवान बुद्ध की 2587वीं जयंती होगी. यह पर्व केवल भारत ही नहीं, बल्कि थाईलैंड, चीन, कम्बोडिया, नेपाल, श्रीलंका और तिब्बत जैसे देशों में भी बड़े धूमधाम से मनाया जाता है. बुद्ध पूर्णिमा हर साल वैशाख महीने की पूर्णिमा को मनाई जाती. इस दिन को वैशाखी बुद्ध पूर्णिमा या वेसाक भी कहा जाता है.

गौतम बुद्ध कौन थे?भगवान बुद्ध का जन्म करीब 563 ईसा पूर्व लुंबिनी (जो अब नेपाल में है) में हुआ था. उनका बचपन का नाम सिद्धार्थ गौतम था और वे एक राजकुमार थे. लेकिन जीवन का सच्चा अर्थ जानने के लिए उन्होंने राजमहल और सुख-सुविधाएं छोड़ दीं. बुद्ध एक महान विचारक, आध्यात्मिक गुरु, धार्मिक नेता और ध्यान साधक थे.

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बुद्ध पूर्णिमा मनाने के मुख्य कारण

1. जन्म – भगवान बुद्ध का जन्म नेपाल के लुंबिनी में राजकुमार सिद्धार्थ के रूप में हुआ था.

2. ज्ञान प्राप्ति – 35 साल की उम्र में उन्होंने बोधगया में पीपल के पेड़ के नीचे ज्ञान प्राप्त किया.

3. परिनिर्वाण – 80 साल की उम्र में उन्होंने कुशीनगर में शरीर त्यागा और मोक्ष प्राप्त किया.

बुद्ध पूर्णिमा पर क्या करते हैं लोग?इस दिन बौद्ध धर्म के अनुयायी भगवान बुद्ध की पूजा करते हैं. लोग उनके पवित्र स्थानों और मंदिरों में जाते हैं. दान करते हैं, ध्यान लगाते हैं. शोभा यात्राओं में हिस्सा लेते हैं. पिंजरे में बंद पक्षियों को आज़ाद करते हैं- जो दया और मुक्ति का प्रतीक है. भिक्षुओं को अन्न दान देते हैं और गरीबों की मदद करते हैं. भगवान बुद्ध के उपदेश पढ़ते हैं और ध्यान करते हैं.

कई लोग बिहार के बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर भी जाते हैं. यहीं पर भगवान बुद्ध को पीपल के पेड़ (बोधि वृक्ष) के नीचे ज्ञान प्राप्त हुआ था. कुछ लोग उपवास रखते हैं. बुद्ध पूर्णिमा का दिन शांति, करुणा और आत्मज्ञान जैसे बौद्ध मूल्यों को याद करने और अपनाने का अवसर होता है.

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बुद्ध पूर्णिमा का महत्वयह दिन केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक यात्रा का प्रतीक है. लोग भगवान बुद्ध के जीवन और उनके विचारों को याद करते हैं- जैसे अहिंसा, करुणा, ध्यान और संतुलित जीवन का रास्ता. बुद्ध पूर्णिमा हमें सिखाती है कि जीवन में सच्चाई, शांति और दया सबसे जरूरी चीजें हैं. गौतम बुद्ध का जीवन हमें सादा जीवन और उच्च सोच की प्रेरणा देता है.



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