बिलासपुर. छत्तीसगढ़ में मौसम ने करवट बदलनी शुरू कर दी है. राज्य में एक ओर जहां पश्चिमी विक्षोभ और द्रोणिकाओं की सक्रियता मौसम में बदलाव के संकेत दे रही है, वहीं दूसरी ओर गरज-चमक के साथ छींटे, तेज हवाएं और वज्रपात की चेतावनी भी मौसम विभाग ने जारी की है. दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं और बारिश की गतिविधियों के साथ आगामी दिनों में तापमान में फिर से बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है. ऐसे में आमजन को मौसम के इस बदलाव के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है.
पश्चिमी विक्षोभ और द्रोणिकाओं का असर
वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और आस-पास के क्षेत्रों में समुद्र तल से 1.5 से 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक सक्रिय है. इसके अतिरिक्त, एक पूर्व-पश्चिम द्रोणिका उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश से होते हुए उत्तर झारखंड तक समुद्र तल से 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैली हुई है. वहीं एक उत्तर-दक्षिण द्रोणिका दक्षिण तेलंगाना से तमिलनाडु तक बनी हुई है.
प्रदेश में बारिश और गरज-चमक की संभावना
8 मई को प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा अथवा गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना जताई गई है. इसके साथ ही 1-2 स्थानों पर अंधड़ चलने और वज्रपात की भी आशंका है. वर्षा की संभावना मुख्यतः सरगुजा और बस्तर संभाग के जिलों में बनी हुई है.
तेज हवाओं और मेघगर्जन की चेतावनी
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले पांच दिनों तक दक्षिण छत्तीसगढ़ में तेज हवाओं (30-40 किमी प्रति घंटा) के साथ मेघगर्जन की गतिविधियां जारी रह सकती हैं. दो दिनों के बाद कुछ स्थानों पर तेज हवाओं की गति 50-60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, साथ ही हल्की से मध्यम वर्षा भी संभावित है.
तापमान में होगी वृद्धि
प्रदेश में अधिकतम तापमान में अगले 48 घंटों तक कोई विशेष बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि दर्ज की जा सकती है. फिलहाल दुर्ग में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 39.2°C और पेंड्रारोड में सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.8°C दर्ज किया गया है.
रायपुर शहर का स्थानीय पूर्वानुमान
8 मई को रायपुर में आकाश आंशिक रूप से मेघमय रहेगा और गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ने की संभावना है. अधिकतम तापमान 39°C और न्यूनतम तापमान 26°C के आसपास रहने की संभावना है.