Last Updated:May 01, 2025, 16:04 ISTBanana Farming: राजनांदगांव जिले के कसारी गांव में किसान लूनकरण वर्मा ने ढाई एकड़ में केले की खेती कर सालाना लाखों की कमाई शुरू की है. केले के पौधे एक साल में तैयार होते हैं और ₹15-₹20 प्रति किलो में बिकते हैं.X
केले की खेती
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केले की खेतीहाइलाइट्सकिसान लूनकरण वर्मा ने केले की खेती से लाखों की कमाई शुरू की.केले की फसल साल में दो बार ली जाती है, ₹15-₹20 प्रति किलो बिकती है.केले की खेती से अन्य किसानों को भी प्रेरणा मिल रही है.राजनांदगांव- राजनांदगांव जिले के ग्राम कसारी के किसान लूनकरण वर्मा ने केले की खेती के माध्यम से न केवल अपनी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ की है, बल्कि गांव के अन्य किसानों को प्रेरणा भी दें है. उन्होंने अपने लगभग ढाई एकड़ खेत में केले की फसल उगाकर हर साल लाखों रुपए की आमदनी शुरू कर दी है.
₹14 से ₹20 किलो तक बिक रहा केलाकिसान द्वारा लगाए गए केले के पौधे से साल में दो बार फसल ली जा रही है. केयरटेकर आशीष कुमार यादव के अनुसार, “पहली फसल में केले की बिक्री ₹14 से ₹20 प्रति किलो के भाव पर हुई है. दूसरी फसल भी लगभग तैयार है और जल्द ही बिक्री के लिए भेजी जाएगी.”
बाहर से मंगाए पौधे, एक साल में देते हैं फलकेले की खेती की शुरुआत पौधों को बाहर से मंगवाकर की जाती है. खेत में क्यारी तैयार कर एक-एक पौधा लगाया जाता है. उचित जल व्यवस्था, समय पर छिड़काव और कीटनाशकों के प्रयोग से लगभग एक साल में पौधे फल देने लगते हैं.
खर्च कम, मुनाफा ज्यादाएक पेड़ से औसतन 5 से 10 किलो तक केला उत्पादन होता है. बाजार में ₹15 से ₹20 प्रति किलो के भाव पर यह बिकता है, जिससे किसानों को अच्छी आमदनी होती है. किसानों का कहना है कि केले की खेती में निवेश कम है और लाभ अधिक है.
किसानों को मिल रही प्रेरणाकेले की खेती से हो रही कमाई ने क्षेत्र के अन्य किसानों को भी प्रोत्साहित किया है. अब गांव के अन्य किसान भी पारंपरिक फसलों के साथ-साथ केला उगाने की योजना बना रहे हैं.
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