Heritage: Pali Shiva Temple of Korba – Place of worship of King Vikramaditya in 870 BC!



Last Updated:May 19, 2025, 12:46 ISTपाली नगर राजा विक्रमादित्य का पूजा स्थल हुआ करता था. वे बन्ना राजवंश के शासक थे और उन्हें राजा महामंडलेश्वर मालदेव के पुत्र ‘जयमेयू’ के नाम से भी जाना जाता था.X

धरोहर: कोरबा का पाली शिव मंदिर – राजा विक्रमादित्य की 870 ईसा पूर्व की पूजा स्थली!हाइलाइट्सपाली शिव मंदिर 870 ईसा पूर्व में राजा विक्रमादित्य द्वारा बनवाया गया.मंदिर की वास्तुकला अद्वितीय और बलुए पत्थर से निर्मित है.यह मंदिर छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है.कोरबा:- छत्तीसगढ़ अपनी प्राचीन धरोहरों के लिए जाना जाता है. यहां कई ऐतिहासिक शिव मंदिर हैं, जो अपनी वास्तुकला और मान्यताओं के कारण प्रसिद्ध हैं. ऐसा ही एक मंदिर कोरबा जिले के पाली में स्थित शिव मंदिर है, जो अपने इतिहास और धार्मिक महत्व के लिए दूर-दूर से श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है.

यह मंदिर लगभग 870 ईसा पूर्व में राजा विक्रमादित्य द्वारा बनवाया गया माना जाता है. किंवदंतियों के अनुसार, पाली नगर राजा विक्रमादित्य का पूजा स्थल हुआ करता था. वे बन्ना राजवंश के शासक थे और उन्हें राजा महामंडलेश्वर मालदेव के पुत्र ‘जयमेयू’ के नाम से भी जाना जाता था.

कला और संस्कृति का जीवंत प्रमाणतालाब के किनारे स्थित यह प्राचीन शिव मंदिर बन्ना राजवंश के शासनकाल की कला और संस्कृति का जीवंत प्रमाण है. मंदिर की वास्तुकला अद्वितीय है और यह उस समय के कलाकारों की कुशलता को दर्शाती है. मंदिर का निर्माण बलुआ पत्थर से किया गया है, जो इसकी मजबूती और सुंदरता को बढ़ाता है. मंदिर की अद्भुत बनावट और इसका गर्भगृह इसकी विशिष्टता है. गर्भगृह में स्थापित शिवलिंग भक्तों को शांति और आध्यात्मिकता का अनुभव कराता है.

इतिहास के बारे में देता है जानकारी11वीं और 12वीं शताब्दी में कलचुरी शासक राजा जाजलवा देव प्रथम ने इस मंदिर की मरम्मत करवाई थी, जिसका शिलालेख मंदिर में आज भी मौजूद है. यह शिलालेख मंदिर के इतिहास और महत्व के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करता है. पाली का शिव मंदिर न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक है. यह मंदिर प्राचीन भारतीय कला और वास्तुकला का एक उत्कृष्ट उदाहरण है.

हर साल, हजारों श्रद्धालु और पर्यटक इस मंदिर के दर्शन करने और इसकी सुंदरता का आनंद लेने के लिए यहां आते हैं. यह मंदिर छत्तीसगढ़ के इतिहास और संस्कृति को जानने के लिए एक महत्वपूर्ण स्थल है. यह एक ऐसा स्थान है, जहां इतिहास और आध्यात्मिकता का संगम होता है और जो हर आगंतुक को एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करता है.
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