Javed Akhtar considers Pakistan worse than hell, SAIF I WOULD PREPER HELL THAN PAKISTAN | पाकिस्तान को नर्क से बदतर मानते हैं जावेद अख्तर: बोले- अगर इन दोनों में से चुनना हुआ, तो जहन्नुम जाना पसंद करूंगा, जानिए क्या है पूरा बयान

31 मिनट पहलेकॉपी लिंकजावेद अख्तर हाल ही में बुक नरकातला स्वर्ग के लॉन्च इवेंट का हिस्सा बने थे। इस दौरान उन्होंने कहा है कि उन्हें भारत और पाकिस्तान दोनों तरफ से गालियां मिलती हैं। हालांकि अगर उन्हें पाकिस्तान या जहन्नुम (नर्क) में से किसी एक जगह जाना हुआ, तो वो पाकिस्तान नहीं बल्कि जहन्नुम जाना पसंद करेंगे।जावेद अख्तर ने मंच पर संबोधन करते हुए लिखा है, मैं ये बताना चाहता हूं कि जैसे किसी भी जनतंत्र में एक असेंबली, एक पार्लियामेंट की जरुरत है, अलग-अलग विचारधारा वाली पार्टी की जरुरत है, ईमानदार मीडिया की जरुरत होती है। उसी तरह ऐसे लोगों भी होनी चाहिए, जो किसी पार्टी के न हों। उन्हें जो सच लगे कहें, जो बात बुरी लगे वो कहें। सब पार्टी हमारी और कोई पार्टी हमारी नहीं हो। मैं भी उन्हीं लोगों में से एक हूं। तो इसका नतीजा क्या होता है कि अगर आप एक तरफ से बात कर रहे हैं तो एक ही तरह के लोगों को नाखुश करेंगे, लेकिन अगर हर तरफ से बात कर रहे हैं तो बहुत ज्यादा लोगों को नाखुश करते हैं। आप कभी मिलिएगा तो मैं दिखाऊंगा आपको ट्विटर, अपना व्हॉट्सएप, जिसमें मुझे दोनों तरफ से गालियां आती हैं।इस इवेंट में संजय राउत और उद्धव ठाकरे भी शामिल हुए थे।आगे उन्होंने कहा, ऐसा नहीं है कि मैं बहुत थैंक लेस होऊंगा और ये न कहूं कि बहुत से लोग तारीफ भी करते हैं, बहुत से लोग हिम्मत भी बढ़ाते हैं, प्रशंसा करते हैं। लेकिन ये भी सच है कि मुझे इधर से भी जो एक्सट्रीमिस्ट है वो गाली देते हैं और उधर के भी एक्सट्रीमिस्ट गाली देते हैं। यही सही है। अगर इनमें से एक ने गाली देना बंद कर दी, तो मुझे परेशानी हो जाएगी कि मैं क्या गड़बड़ कर रहा हूं।आगे जावेद अख्तर ने वो लाइनें कहीं, जिससे पूरा ऑडिटोरियम तालियों की गड़गड़ाहट से भर उठा। उन्होंने कहा, ये कहते हैं कि तू तो काफिर (अधर्मी) है और जहन्नुम (नर्क) में जाएगा। वो कहते हैं जिहादी पाकिस्तान चला जा। अब अगर मेरे पास सिर्फ चॉइस पाकिस्तान और जहन्नुम यानी नर्क की है, तो मैं नर्क ही जाना पसंद करूंगा। अगर यही बस चॉइस है।बताते चलें कि इससे पहले भी जावेद अख्तर ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान के खिलाफ बढ़-चढ़कर आवाज उठाई थी। साथ ही उन्होंने पाकिस्तानी कलाकारों के भारत में बैन लगने के फैसले को भी सही ठहराया था। उन्होंने कहा था कि भारत-पाकिस्तान का रिश्ता एकतरफा है, क्योंकि भारत में पाकिस्तानी कलाकारों को इज्जत दी गई, लेकिन पाकिस्तान ने कभी इंडियन एक्टर्स को सम्मान नहीं दिया।



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